Handloom Day 2026: राष्ट्रपति करेंगी 22 National Handloom Awards का सम्मान, जारी होंगे 4 Special Stamps; जानिए इस बार क्या होगा खास

भारत की सदियों पुरानी Handloom Heritage एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होने जा रही है। 7 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले 12वें National Handloom Day समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश के उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मानित करेंगी। इस बार सिर्फ National Handloom Awards ही नहीं, बल्कि 4 स्मारक डाक टिकट, नई पुस्तकों का विमोचन और दुर्लभ Live Weaving Demonstration भी कार्यक्रम को खास बनाएंगे।

Aug 1, 2026 - 17:23
Aug 1, 2026 - 18:56
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Handloom Day 2026: राष्ट्रपति करेंगी 22 National Handloom Awards का सम्मान, जारी होंगे 4 Special Stamps; जानिए इस बार क्या होगा खास

अनन्य सोच। भारत की समृद्ध Handloom Industry और लाखों बुनकरों के हुनर को सम्मान देने के लिए Textiles Ministry 7 अगस्त 2026 को Rashtrapati Bhavan Cultural Centre (RBCC), नई दिल्ली में 12वां National Handloom Day मनाएगा। इस राष्ट्रीय समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि होंगी, जबकि केंद्रीय वस्त्र मंत्री Giriraj Singh समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और देशभर के प्रतिष्ठित बुनकर मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण National Handloom Awards 2025 का वितरण होगा। इस दौरान कुल 22 पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें 3 Sant Kabir Handloom Awards और 19 National Handloom Awards शामिल हैं। इन सम्मानों से उन बुनकरों को नवाजा जाएगा जिन्होंने पारंपरिक बुनाई, नवाचार और भारतीय Handloom Tradition को नई पहचान दिलाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

समारोह में भारत की विविध Handloom Weaving परंपराओं को समर्पित 4 Special Commemorative Stamps भी जारी किए जाएंगे। इसके साथ दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों—"Earth. Root. Thread: All Dyed Handloom Textiles of Central India" और Handloom Awards Book 2025—का विमोचन किया जाएगा।

आगंतुकों के लिए पुरस्कार विजेता Handloom Products Exhibition भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यहां Kani Weaving और Wall Hanging Weaving की Live Demonstration देखने का अवसर मिलेगा, जिससे भारतीय हस्तकरघा कला की बारीकियों और समृद्ध परंपरा को करीब से समझा जा सकेगा।

National Handloom Day हर वर्ष 7 अगस्त को Swadeshi Movement (1905) की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस देश के बुनकरों के योगदान को सम्मान देने के साथ Vocal for Local, Sustainable Textile और Make in India जैसी पहलों को भी मजबूती देता है।

भारत का Handloom Sector आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है। इससे 35 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है, जिनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं हैं। ऐसे में यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।