Govind Guru Tribal University को मिली नई पहचान, Governor का बड़ा संदेश: Tribal Education, TB-Free और Drug-Free Rajasthan पर खास फोकस

Banswara के Govind Guru Tribal University (GGTU) में शुक्रवार को विकास और शिक्षा का नया अध्याय जुड़ गया। Governor Haribhau Bagde ने Academic Building, Vice Chancellor Residence और Swami Vivekananda Statue का ऑनलाइन लोकार्पण करते हुए केवल नई सौगातें ही नहीं दीं, बल्कि Higher Education Enrollment, TB-Free Rajasthan और Drug-Free Rajasthan को लेकर ऐसा संदेश दिया, जो पूरे जनजातीय क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय कर सकता है।

Jul 31, 2026 - 21:16
Jul 31, 2026 - 21:17
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Govind Guru Tribal University को मिली नई पहचान, Governor का बड़ा संदेश: Tribal Education, TB-Free और Drug-Free Rajasthan पर खास फोकस

Ananya sochराजस्थान के Governor Haribhau Bagde ने शुक्रवार को Govind Guru Tribal University (GGTU), Banswara में नवनिर्मित Academic Building, Vice Chancellor Residence और Swami Vivekananda Statue का राजभवन से ऑनलाइन लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप Quality Education ही युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बना सकती है।

राज्यपाल ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में Higher Education Enrollment बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि Swami Vivekananda का शिक्षा दर्शन आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि वह केवल डिग्री नहीं, बल्कि Character Building, Self Confidence और Overall Development का मार्ग दिखाता है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की Intellectual Capacity बढ़ाने के लिए नवाचार, शोध और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। साथ ही National Education Policy (NEP) का उल्लेख करते हुए कहा कि Local to Global और Atmanirbhar Bharat की सोच के तहत स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

राज्यपाल ने Drug-Free India Campaign का उल्लेख करते हुए राजस्थान को Drug-Free Rajasthan बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से TB-Free Banswara और Drug-Free Banswara अभियान को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। उनका कहना था कि स्थानीय समाज की सक्रिय भागीदारी से ही इन अभियानों को सफल बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से Water, Forest and Land Conservation का सबसे बड़ा संरक्षक रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय को जनजातीय समाज की जल, जंगल और प्रकृति संरक्षण परंपराओं पर व्यापक Research और Innovation करना चाहिए, ताकि यह ज्ञान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सके।

कार्यक्रम में Rajasthan Assembly Speaker Vasudev Devnani भी ऑनलाइन जुड़े और विश्वविद्यालय को नई सौगातों के लिए शुभकामनाएं दीं। इससे पहले कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा यह आयोजन जनजातीय क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद लेकर आया।