Birth-Death Certificate बनवाना अब होगा आसान! 2 साल की देरी पर नहीं जाना पड़ेगा कोर्ट, संसद में विपक्ष के हंगामे ने भी मचाई हलचल

जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र (Birth-Death Certificate) बनवाने में देरी होने पर अब तक जिस झंझट से लोगों को जूझना पड़ता था, उससे जल्द छुटकारा मिलने वाला है। सरकार की नई योजना जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

Aug 1, 2026 - 15:54
Aug 1, 2026 - 16:02
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Birth-Death Certificate बनवाना अब होगा आसान! 2 साल की देरी पर नहीं जाना पड़ेगा कोर्ट, संसद में विपक्ष के हंगामे ने भी मचाई हलचल

अनन्य सोच। संसद के Monsoon Session के बीच शुक्रवार को दो बड़ी खबरें सुर्खियों में रहीं। एक तरफ सरकार Birth Registration और Death Registration के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है, तो दूसरी तरफ संसद परिसर में Opposition के जोरदार प्रदर्शन ने सियासी पारा चढ़ा दिया।

सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत यदि किसी वजह से जन्म या मृत्यु का पंजीकरण तय समय पर नहीं हो पाता, तो दो साल तक की देरी पर अब कोर्ट जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। सक्षम प्रशासनिक अधिकारी की मंजूरी मिलते ही पंजीकरण संभव होगा। अभी तक इस प्रक्रिया के लिए लोगों को अदालत के चक्कर काटने पड़ते थे, जिसमें पैसा और समय दोनों बर्बाद होते थे।

यह बदलाव लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि Birth Certificate स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, आधार और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी होता है, वहीं Death Certificate संपत्ति, बैंकिंग और बीमा दावों में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे Digital Registration System को भी मजबूती मिलेगी।

इसी बीच संसद परिसर में विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर तीखा प्रदर्शन किया। नारेबाजी के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं में तीखी बयानबाजी देखने को मिली। सत्ता पक्ष ने इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताया, जबकि विपक्ष ने इसे अपना लोकतांत्रिक अधिकार करार दिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि Monsoon Session के आगे के दिनों में भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रह सकता है। एक तरफ सरकार प्रशासनिक सुधारों को अपनी उपलब्धि बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। यही वजह है कि यह सत्र लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।