"यह आपका क्षण है!" पीयूष गोयल ने भारत-उज्बेकिस्तान कंपनियों को दिया व्यापार दोगुना करने का बड़ा न्योता

1.5 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को अगले तीन वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में उज्बेकिस्तान के कारोबारियों को एक बड़ा संदेश दिया। खनन से लेकर वस्त्र उद्योग तक, किन क्षेत्रों में खुलेंगे निवेश के नए दरवाजे, जानिए पूरी खबर में...

Aug 3, 2026 - 20:50
Aug 4, 2026 - 12:15
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"यह आपका क्षण है!" पीयूष गोयल ने भारत-उज्बेकिस्तान कंपनियों को दिया व्यापार दोगुना करने का बड़ा न्योता

अनन्य सोच। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम (India-Uzbekistan Business Forum) को संबोधित करते हुए दोनों देशों की कंपनियों को सह-निवेश (Co-Investment), सह-उत्पादन (Co-Production) और सह-नवाचार (Co-Innovation) के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने अगले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) को दोगुना करने के लिए ठोस प्रयासों की अपील की।

गोयल ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) आपसी विश्वास और साझा समृद्धि के विजन पर आधारित है। हालांकि द्विपक्षीय व्यापार 1.5 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है, लेकिन यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं की वास्तविक क्षमता का एक छोटा हिस्सा मात्र है।

उन्होंने खनन (Mining) क्षेत्र में भारतीय निवेश की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए वस्त्र उद्योग (Textile Industry) में सहयोग पर भी जोर दिया, क्योंकि उज्बेकिस्तान कपास उत्पादन में और भारत वस्त्र निर्माण में अग्रणी है। हाल ही में हुई द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty) से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, ऐसा उन्होंने बताया।

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में गोयल ने भारत को "विश्व की फार्मेसी" बताते हुए सस्ती दवाओं, टेलीमेडिसिन और आयुर्वेद-योग जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में सहयोग का प्रस्ताव रखा। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy), फिनटेक और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी उन्होंने साझेदारी की व्यापक नई संभावनाएं गिनाईं।

गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की भूमिका को द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने वाला बताया। उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "यह आपका क्षण है। सह-निवेश करें, सह-उत्पादन करें और ऐसी दीर्घकालिक साझेदारियां बनाएं जो दोनों देशों के लिए समृद्धि लाएं।"