600 KM पैदल यात्रा कर जयपुर पहुंचे मकराना, उजागर सिंह डाबला ने फूलों से लाद दी गाड़ी! क्या मानेगी सरकार?
बीकानेर के देशनोक से चलकर 600 किलोमीटर का सफर तय करने वाले महिपाल सिंह मकराना जब जयपुर पहुंचे, तो रॉयल सिटी चौराहे का नजारा देखने लायक था। प्रदेश अध्यक्ष उजागर सिंह डाबला के नेतृत्व में हुए भव्य स्वागत ने साबित कर दिया कि यूजीसी कानून रोलबैक की मांग को जनसमर्थन लगातार मिल रहा है। जानिए पूरी यात्रा की कहानी...
अनन्य सोच। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना (Shri Rashtriya Rajput Karni Sena) के प्रदेश अध्यक्ष उजागर सिंह डाबला (Ujagar Singh Dabla) के नेतृत्व में शनिवार को रॉयल सिटी चौराहे (Royal City Chauraha) पर एक भव्य नजारा देखने को मिला। मौका था महिपाल सिंह मकराना (Mahipal Singh Makrana) के जयपुर आगमन का। संगठन के पदाधिकारियों, समाज के गणमान्य नागरिकों और सैकड़ों युवाओं ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जोरदार जयघोष के साथ उनका स्वागत किया।
दरअसल, महिपाल सिंह मकराना यूजीसी कानून (UGC Law) वापस लेने की मांग को लेकर करीब 600 किलोमीटर लंबी जनजागरण पदयात्रा (Foot March) पर निकले हैं। उनकी यह ऐतिहासिक यात्रा 11 जुलाई 2026 को बीकानेर स्थित देशनोक के करणी माता मंदिर (Karni Mata Temple) से शुरू हुई थी। करीब तीन हफ्तों तक गांव-गांव, कस्बे-कस्बे पैदल चलकर आखिरकार 1 अगस्त को यह यात्रा जयपुर पहुंची, जहां समाज ने उनका जोरदार स्वागत कर उनके हौसले को सलाम किया।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष उजागर सिंह डाबला ने इस अभियान को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि पूरा समाज पूरी मजबूती के साथ इस आंदोलन के साथ खड़ा है और जब तक न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई जारी रहेगी। वहीं महिपाल सिंह मकराना ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा समाज के अधिकार, न्याय और जागरूकता की लड़ाई है। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अभियान थमेगा नहीं।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, युवा कार्यकर्ता और करणी सेना के पदाधिकारी मौजूद रहे। पूरे माहौल में "जय मां करणी" और "राजपूत एकता जिंदाबाद" के नारों से रॉयल सिटी चौराहा गूंज उठा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस लंबी पदयात्रा और बढ़ते जनसमर्थन के आगे झुकती है या नहीं।