Smartphone बना सबसे बड़ा जाल! रोज 1.3 लाख Cyber Attack, Rajasthan Police की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि Smartphone अब केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि लोगों की पूरी Digital Identity का केंद्र बन चुका है। इसमें बैंक खाते, आधार, पैन, पासपोर्ट, ऑफिस डेटा, ईमेल, फोटो, वीडियो और निजी दस्तावेज सुरक्षित रहते हैं।

Aug 4, 2026 - 22:35
Aug 4, 2026 - 22:41
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Smartphone बना सबसे बड़ा जाल! रोज 1.3 लाख Cyber Attack, Rajasthan Police की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

अनन्य सोच। आज का Smartphone सिर्फ कॉल और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें Banking Apps, UPI, Passwords, Personal Documents, AI Chat History और निजी तस्वीरों से लेकर पूरी डिजिटल पहचान मौजूद है। यही वजह है कि Rajasthan Police Cyber Crime Branch ने सभी Smartphone Users के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस का कहना है कि एक छोटी-सी लापरवाही आपकी जिंदगीभर की कमाई और निजी जानकारी को Cyber Criminals के हाथों तक पहुंचा सकती है। रोजाना हो रहे 1.3 लाख से ज्यादा Cyber Attack इस खतरे की गंभीरता को साफ दिखाते हैं।

हर Smartphone User क्यों हो जाए सतर्क?

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि Smartphone अब केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि लोगों की पूरी Digital Identity का केंद्र बन चुका है। इसमें बैंक खाते, आधार, पैन, पासपोर्ट, ऑफिस डेटा, ईमेल, फोटो, वीडियो और निजी दस्तावेज सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में यदि फोन हैक हो जाए या गलत हाथों में पहुंच जाए तो आर्थिक नुकसान के साथ-साथ पहचान चोरी और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर घटनाएं भी हो सकती हैं।

Bank of Baroda Data Leak ने बढ़ाई चिंता

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (Cyber Crime) वीके सिंह ने हाल के Bank of Baroda Data Leak और Digital Arrest Scam का जिक्र करते हुए बताया कि एक कर्मचारी के ईमेल से करीब 1 TB Data लीक होकर Dark Web तक पहुंच गया। यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि केवल एक छोटी चूक भी लाखों लोगों की संवेदनशील जानकारी को खतरे में डाल सकती है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में Cyber Criminals पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर उनकी निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स और डिजिटल दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हैं।

मोबाइल में क्या-क्या सेव रखते हैं लोग? आंकड़े चौंकाने वाले

पुलिस के अनुसार एक रिपोर्ट में सामने आया है कि—

61 प्रतिशत लोग अपने Personal Documents मोबाइल में रखते हैं।

60 प्रतिशत लोग Photos और Videos सेव रखते हैं।

48 प्रतिशत लोग Office Email mobile में इस्तेमाल करते हैं।

38 प्रतिशत लोग Banking Information फोन में रखते हैं।

37 प्रतिशत लोग AI Chat History सेव रखते हैं।

34 प्रतिशत लोग अपने Passwords भी मोबाइल में स्टोर करते हैं।

यानी हर दूसरा व्यक्ति अनजाने में अपने Smartphone को Cyber Criminals के लिए सबसे आसान निशाना बना रहा है।

रोज हो रहे 1.3 लाख Cyber Attack

एडीजी वीके सिंह ने बताया कि भारत में प्रतिदिन 1.3 लाख से अधिक Cyber Attack दर्ज किए जाते हैं। इनमें Phishing Link, Fake App, Malware, OTP Fraud, UPI Scam, Remote Access App और Digital Arrest जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। Cyber Experts का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित ठगी के मामले और बढ़ सकते हैं।

Cyber Criminals सबसे पहले किस पर करते हैं हमला?

पुलिस के अनुसार Cyber Criminals चार तरह की जानकारी को सबसे ज्यादा निशाना बनाते हैं।

सबसे पहले Identity Theft, जिसमें आधार, पैन, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी सिम या बैंक अकाउंट खोले जाते हैं।

दूसरा Financial Fraud, जिसमें Banking Apps, UPI, Debit Card, Credit Card और OTP की मदद से खातों से रकम निकाल ली जाती है।

तीसरा Blackmailing, जिसमें निजी फोटो, वीडियो या AI Chat History का इस्तेमाल कर लोगों को डराकर पैसे वसूले जाते हैं।

चौथा Corporate Espionage, जिसमें कंपनियों के गोपनीय दस्तावेज और ऑफिस ईमेल चुराकर फिरौती मांगी जाती है।

इन आसान उपायों से Smartphone रहेगा सुरक्षित

राजस्थान पुलिस ने सभी Smartphone Users को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

Public WiFi पर Banking Transaction या संवेदनशील काम करने से बचें।

जरूरत पड़ने पर भरोसेमंद VPN का इस्तेमाल करें।

फोन में Screen Lock और Storage Encryption हमेशा चालू रखें।

Apps को केवल जरूरी Permissions ही दें।

Banking Apps और महत्वपूर्ण दस्तावेज Secure Folder या Hidden Folder में रखें।

सिर्फ Google Play Store और Apple App Store से ही Apps डाउनलोड करें।

हर Account के लिए मजबूत Password रखें और Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।

Cloud Backup, Location Tracking और Auto Backup जैसी Security Settings हमेशा सक्रिय रखें।

ठगी का शिकार हों तो एक मिनट भी न गंवाएं

यदि किसी व्यक्ति के साथ Cyber Fraud हो जाए या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या Cyber Police Station में शिकायत करें। इसके साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें या Cyber Helpline 1930 पर तुरंत कॉल करें। राजस्थान पुलिस ने लोगों की त्वरित सहायता के लिए 9256001930 और 9257510100 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि Cyber Crime के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में बैंकिंग ट्रांजैक्शन रोकी जा सकती है और नुकसान कम किया जा सकता है। डिजिटल युग में तकनीक जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी उसकी सुरक्षा भी है। एक छोटी सावधानी आपको लाखों रुपये के नुकसान और पहचान चोरी जैसी बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।