सड़क से सीधे School! जयपुर के Begging Children के लिए Deputy CM Diya Kumari का मास्टर प्लान, अब भीख नहीं... मिलेगी Education

जयपुर की ट्रैफिक सिग्नल और सड़कों पर भीख मांगते दिखाई देने वाले मासूम बच्चों की जिंदगी अब बदलने वाली है। Deputy CM Diya Kumari ने ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिससे इन बच्चों को भीख नहीं बल्कि School, Education और बेहतर Future मिलेगा। इस अभियान की शुरुआत Pilot Project के रूप में जयपुर से होगी। आखिर क्या है पूरा प्लान और कैसे बदलेगी बच्चों की जिंदगी? पढ़िए पूरी खबर...

Aug 2, 2026 - 07:53
Aug 2, 2026 - 07:56
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सड़क से सीधे School! जयपुर के Begging Children के लिए Deputy CM Diya Kumari का मास्टर प्लान, अब भीख नहीं... मिलेगी Education
West Asia Crisis पर आयोजित CCS Meeting की अध्यक्षता करते हुए Prime Minister Narendra Modi, जहां Indian Sailors, Energy Security और Fuel Supply को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

अनन्य सोच। राजस्थान सरकार ने सड़क पर भीख मांगने वाले बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। Deputy CM एवं Women and Child Development Minister Diya Kumari ने शनिवार को शासन सचिवालय में आयोजित Child Rights Department Review Meeting में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क पर भीख मांगने वाले Begging Children की पहचान कर उन्हें NGO और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से Education System से जोड़ा जाए। इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत Pilot Basis पर सबसे पहले जयपुर से की जाएगी।

बैठक में दीया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण Education, सम्मानजनक जीवन और उज्ज्वल भविष्य उपलब्ध कराना है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं के Rehabilitation को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए Skill Training उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि वे भविष्य में सम्मानपूर्वक रोजगार प्राप्त कर सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी बालिका को उसके माता-पिता के पास भेजने से पहले दोनों पक्षों की प्रभावी Counselling कराई जाए, जिससे पुनर्वास की प्रक्रिया सफल और सुरक्षित बन सके।

बैठक के दौरान Children's Homes, Girls Homes और Infant Homes की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डिप्टी सीएम ने भवनों की मरम्मत, बच्चों के लिए बेहतर भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से मिलने वाले बजट और संसाधनों का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा जयपुर की सेठी कॉलोनी स्थित Government Boys Observation Home की मरम्मत जल्द पूरी कराने के निर्देश भी दिए गए। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि Budget Announcements को तय समय सीमा में पूरा किया जाए और किसी भी योजना में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं होगी।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार शर्मा, आयुक्त निकाय गोहेन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जयपुर से शुरू होने वाला यह अभियान क्या उन मासूम बच्चों की जिंदगी बदल पाएगा, जो आज सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं। यदि यह Pilot Project सफल रहा तो आने वाले समय में यह मॉडल पूरे राजस्थान में हजारों बच्चों के लिए नई उम्मीद बन सकता है।