जोधपुर की धरती पर उतरे मंत्री जोगाराम पटेल! कॉलेज और अस्पताल के निर्माण कार्यों की खुद परखी हकीकत
कागजों में विकास दिखे या धरातल पर, यह जानने के लिए जब कोई मंत्री खुद निर्माण स्थल पर पहुंच जाए तो बात कुछ और ही होती है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने रविवार को जोधपुर में कई निर्माणाधीन कॉलेज और अस्पताल भवनों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जानिए क्या रहा पूरा दौरा...
अनन्य सोच । संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री (Parliamentary Affairs Minister) जोगाराम पटेल ने रविवार को जोधपुर में विभिन्न निर्माणाधीन भवनों (Under-Construction Buildings) का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय कन्या महाविद्यालय (Government Girls College) लूणावास भाकर, राजकीय महाविद्यालय झंवर, पंचायत समिति धवा, आयुर्वेद चिकित्सालय धवा और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (Primary Health Centre) मेलबा के निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान श्री पटेल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं (Health Facilities) उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप हों, इसके लिए मौके पर जाकर कार्यों का अवलोकन करना जनप्रतिनिधि का दायित्व है। मंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नियमित मॉनिटरिंग (Regular Monitoring) करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार बजट घोषणाओं (Budget Announcements) की समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए धरातल पर जाकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य राजस्थान का समग्र विकास (Overall Development) सुनिश्चित करते हुए क्षेत्रीय विषमता को दूर करना है।
निरीक्षण के दौरान श्री पटेल ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों को बेहतर गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही परिसर में स्वच्छता व्यवस्था और सघन वृक्षारोपण (Plantation) सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी भवनों में पेयजल (Drinking Water) और विद्युत कनेक्शन (Electricity Connection) की व्यवस्था जल्द पूरी करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री के इस औचक निरीक्षण के बाद स्थानीय अधिकारियों में हलचल मच गई और निर्माण कार्यों में तेजी लाने की कवायद शुरू हो गई है। अब देखना यह है कि तय समयसीमा में ये सभी परियोजनाएं पूरी हो पाती हैं या नहीं।