10 साल में बदली Higher Education की तस्वीर, 68 लाख बढ़े छात्र; बेटियों ने छोड़ा बेटों को पीछे
भारत की Higher Education व्यवस्था ने पिछले एक दशक में बड़ी छलांग लगाई है। AISHE Report के आंकड़े बताते हैं कि यूनिवर्सिटी, कॉलेज और छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सबसे खास बदलाव महिलाओं की भागीदारी में आया, जहां बेटियों ने शिक्षा के मैदान में नया रिकॉर्ड बनाया है।
अनन्य सोच। भारत में पढ़ाई की तस्वीर तेजी से बदल रही है। पिछले दस साल में Higher Education का दायरा जिस रफ्तार से बढ़ा है, उसने देश के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव दर्ज किया है। All India Survey on Higher Education (AISHE) के आंकड़ों के मुताबिक 2014-15 से 2023-24 के बीच न सिर्फ उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ी, बल्कि करोड़ों युवाओं ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी की ओर कदम बढ़ाया।
एक दशक पहले देश में करीब 760 Universities थीं। 2023-24 तक इनकी संख्या बढ़कर 1,289 हो गई। यानी यूनिवर्सिटी नेटवर्क में करीब 70 प्रतिशत का विस्तार हुआ। इसी अवधि में Colleges की संख्या भी 38,498 से बढ़कर 48,246 तक पहुंच गई। इससे साफ है कि Higher Education अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा छात्रों की पहुंच में आया है।
लेकिन आंकड़ों की असली कहानी संस्थानों की संख्या से आगे जाती है। 2014-15 में करीब 3.42 करोड़ Students उच्च शिक्षा से जुड़े थे, जबकि 2023-24 तक यह संख्या 4.5 करोड़ के पार पहुंच गई। यानी लाखों नए छात्रों को Higher Education से जुड़ने का मौका मिला।
PhD और नए Courses में बढ़ा रुझान
उच्च शिक्षा में सिर्फ सामान्य Graduation की मांग नहीं बढ़ी, बल्कि PhD और Integrated Courses को लेकर भी युवाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों में PhD Enrollment में करीब 193 प्रतिशत की वृद्धि सामने आई है। Integrated Courses में भी नामांकन कई गुना बढ़ा है। यह बदलाव बताता है कि युवा अब केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि Research और Specialized Education की ओर भी बढ़ रहे हैं।
बेटियों ने रचा शिक्षा का नया रिकॉर्ड
इस पूरी तस्वीर का सबसे मजबूत पहलू Women Education से जुड़ा है। पिछले दस वर्षों में महिला छात्रों के नामांकन में 42 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज हुई। खास बात यह है कि महिलाओं का Gross Enrolment Ratio (GER) लगातार सातवें साल पुरुषों से आगे रहा।
यानी Higher Education में बेटियों की भागीदारी अब केवल बढ़ नहीं रही, बल्कि कई अहम पैमानों पर पुरुष छात्रों से आगे निकल रही है। SC, ST और OBC Students के Enrollment में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी का दायरा विस्तृत होने के संकेत मिलते हैं।
STEM और Digital Education ने पकड़ी रफ्तार
STEM—Science, Technology, Engineering and Mathematics से जुड़े Courses में भी छात्रों का रुझान बढ़ा है और इन क्षेत्रों में Enrollment एक करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। साथ ही विदेशी छात्रों की भारत में पढ़ाई के प्रति दिलचस्पी बढ़ना भी देश की Global Education पहचान के लिए अहम माना जा रहा है।
Infrastructure की तस्वीर भी बदली है। देश के करीब 98 प्रतिशत Universities और Colleges में Library जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध है। Labs, Sports Facilities और Digital Resources का विस्तार भी Higher Education को नई दिशा दे रहा है।
Ananya Soch विश्लेषण:
इन आंकड़ों की सबसे बड़ी कहानी केवल कॉलेज और यूनिवर्सिटी बढ़ने की नहीं है। असली बदलाव यह है कि Higher Education अब ज्यादा युवाओं और खासकर बेटियों तक पहुंच रहा है। आने वाले वर्षों में यही बढ़ती भागीदारी भारत की Education Economy और युवा शक्ति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।