अंतिम संस्कार से लौट रहे थे, रास्ते में काल बन गई खाई: टिहरी हादसे में 8 जिंदगियां खत्म, पूरे गांव में पसरा मातम

हरिद्वार से लौट रही बोलेरो 300 मीटर गहरी खाई में गिरी; 8 की मौत, 2 गंभीर घायल, सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

Jun 3, 2026 - 12:10
Jun 3, 2026 - 12:13
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अंतिम संस्कार से लौट रहे थे, रास्ते में काल बन गई खाई: टिहरी हादसे में 8 जिंदगियां खत्म, पूरे गांव में पसरा मातम

अनन्य सोच। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार को हुआ दर्दनाक Road Accident पूरे प्रदेश को झकझोर गया। हरिद्वार में एक ग्रामीण के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे लोगों की Bolero Camper अचानक अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भयावह हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में अधिकांश लोग घनसाली क्षेत्र के थ्योलधार गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, दुर्घटना चंबा-कोटी कॉलोनी मोटर मार्ग पर नैल गांव के समीप दोपहर करीब ढाई बजे हुई। वाहन में सवार सभी लोग हरिद्वार से अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा, सड़क किनारे बने सीमेंट पैराफिट को तोड़ता हुआ गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।

सूचना मिलते ही Police, SDRF और Fire Service की टीमें मौके पर पहुंचीं। खाई की गहराई और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कई घंटों की मशक्कत के बाद शवों और घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

प्रारंभिक जांच में चालक की थकान, झपकी आने या वाहन की गति को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। टिहरी प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के हर पहलू की जांच की जाएगी।

हादसे के बाद पूरे थ्योलधार गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कई परिवारों ने अपने करीबी सदस्य खो दिए। गांव में मातम का माहौल है और लोगों की आंखें नम हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चंबा-कोटी मार्ग लंबे समय से सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। कई स्थानों पर मजबूत सुरक्षा दीवारों और आधुनिक बैरियर की कमी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरभाष पर मुख्यमंत्री धामी से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में Road Safety, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक पहाड़ों की खतरनाक सड़कों पर ऐसी दुर्घटनाएं मासूम जिंदगियां निगलती रहेंगी? फिलहाल टिहरी का थ्योलधार गांव अपने प्रियजनों को खोने के दर्द से उबरने की कोशिश कर रहा है।