645 हेक्टेयर में बनेंगे हाईटेक पार्क, 1 जून से खुलेंगे निवेश के दरवाजे
रीको की नई नीति से निजी कंपनियों को बड़ा मौका; 9 शहरों में विकसित होंगे विश्वस्तरीय औद्योगिक हब
अनन्य सोच। राजस्थान अब औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत प्रदेश में 645 हेक्टेयर भूमि पर विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इन पार्कों का विकास निजी डेवलपर्स के माध्यम से किया जाएगा और इसके लिए रीको ने एक जून से आवेदन आमंत्रित कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 18 मार्च 2026 को लॉन्च की गई इस नीति को राज्य में बड़े निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। रीको प्रबंध निदेशक सुरेश ओला ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य राजस्थान को “फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत आधुनिक लॉजिस्टिक्स, सतत संसाधन उपयोग और विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं वाले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।
नीति के मॉडल ‘ए’ और ‘डी’ के तहत नौ अलग-अलग स्थानों पर औद्योगिक पार्क विकसित होंगे। मॉडल ‘ए’ में करीब 374 हेक्टेयर भूमि पर निजी डेवलपर्स पार्क तैयार करेंगे। इसमें बालोतरा, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, दौसा, बूंदी और डीडवाना-कुचामन जैसे जिले शामिल हैं। वहीं मॉडल ‘डी’ के तहत पीपीपी मोड पर अजमेर और दौसा में करीब 271 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्क विकसित किए जाएंगे।
रीको के अनुसार इस नीति के तहत चार विकास मॉडल तय किए गए हैं। इनमें कहीं भूमि रीको उपलब्ध कराएगा तो कहीं निजी विकासकर्ता स्वयं भूमि की व्यवस्था करेंगे। पार्क विकसित करने के लिए न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्र और कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी।
औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे रोजगार, निर्यात और स्थानीय उद्योगों को भी नई रफ्तार मिलेगी। अब निवेशकों और उद्योग जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्थान का यह नया औद्योगिक मॉडल देश में कितना बड़ा बदलाव लाता है।