'सिर्फ भविष्य के लिए तैयार मत हो, भविष्य गढ़ने वाले बनो' - उपराष्ट्रपति ने छात्रों को दिया बड़ा मंत्र
चेन्नई के SRM इंस्टीट्यूट में 22वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, ड्रग्स को लेकर छात्र की हत्या पर जताया गहरा दुख — जानें उन्होंने क्या-क्या कहा
अनन्य सोच । भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेंगलपट्टू स्थित SRM Institute of Science and Technology के 22वें convocation ceremony को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने graduating students से 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत को अपनाकर देश निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री देने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और अनुशासन का उत्सव है।
AI और Quantum Technology बदलेंगी भविष्य की तस्वीर
उपराष्ट्रपति ने artificial intelligence, quantum technology, semiconductor research, robotics और biotechnology जैसे क्षेत्रों में संस्थान के बढ़ते फोकस की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये technologies ही आने वाले समय में अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नई दिशा देंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुसंधान का असली मकसद तभी पूरा होता है जब वह समाज की सेवा करे।
कोविड वैक्सीन सहायता को याद कर जताया गर्व
अपने संबोधन में उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी मानवीय सहायता का व्यापार नहीं किया, जबकि कई पश्चिमी देश यह नहीं कर सके।
2014 के बाद उच्च शिक्षा में आया बड़ा बदलाव
उपराष्ट्रपति ने बताया कि 2014 के बाद देश में 16 IIIT, 8 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 7 IIT और 12 AIIMS जैसी संस्थाएं स्थापित हुई हैं। आज भारत में 1,425 से अधिक विश्वविद्यालय मौजूद हैं। उन्होंने महिलाओं के नामांकन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि को भी एक स्वागत योग्य बदलाव बताया।
नशे को लेकर छात्रों से की खास अपील
तमिलनाडु में drugs के खुलासे को लेकर एक छात्र की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह घटना उन्हें अत्यंत पीड़ादायक लगी। उन्होंने सभी स्नातकों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई और अनुशासन तथा उद्देश्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
इस अवसर पर तमिलनाडु व केरल के राज्यपाल आर.एन. रवि सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।