भारत की लॉजिस्टिक्स क्रांति: 10 करोड़ कंटेनरों को ट्रैक कर रचा इतिहास, पीयूष गोयल बोले- यह विकसित भारत के सपने की बड़ी कड़ी

2016 में लॉन्च हुए Logistics Data Bank ने पार किया बड़ा मुकाम, 19 पोर्ट्स और 32 कंटेनर टर्मिनल्स तक फैला नेटवर्क, RFID और IoT टेक्नोलॉजी से मिल रही रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा

Aug 14, 2026 - 21:34
Aug 14, 2026 - 21:36
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भारत की लॉजिस्टिक्स क्रांति: 10 करोड़ कंटेनरों को ट्रैक कर रचा इतिहास, पीयूष गोयल बोले- यह विकसित भारत के सपने की बड़ी कड़ी

अनन्य सोच ।भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए एक बेहद गर्व का पल आया है। साल 2016 में लॉन्च हुए Logistics Data Bank (LDB) ने अब तक कुल 10 करोड़ आयात-निर्यात यानी एक्जिम कंटेनरों को ट्रैक करने का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। यह प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी आधारित ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए देशभर में एक्जिम कंटेनरों की आवाजाही को पूरी पारदर्शिता के साथ दिखाता है, जिससे संबंधित हितधारकों को कंटेनर मूवमेंट की निगरानी करने में बड़ी मदद मिलती है।

इस उपलब्धि पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक के माध्यम से 10 करोड़ कंटेनरों की ट्रैकिंग भारत की लॉजिस्टिक्स यात्रा में एक बेहद अहम मील का पत्थर साबित हुई है। उन्होंने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी की मदद से लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया को सरल, तेज और अधिक कुशल बनाया जा रहा है, जो भारतीय उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और विकसित भारत के सपने को साकार करने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा।

लेकिन आखिर इस प्लेटफॉर्म का दायरा कितना बड़ा है? जानकारी के मुताबिक, LDB RFID आधारित तकनीक के जरिए भारत के एक्जिम कंटेनरों की आवाजाही की शत-प्रतिशत दृश्यता प्रदान करता है। इसका नेटवर्क देशभर के 19 पोर्ट्स और 32 कंटेनर टर्मिनल्स से लेकर 103 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, 439 कंटेनर फ्रेट स्टेशनों, 89 विनिर्माण विशेष आर्थिक क्षेत्रों, 5,569 रेलवे स्टेशनों, 269 टोल प्लाजा और तीन एकीकृत चेक पोस्ट तक फैला हुआ है। यह प्लेटफॉर्म ठहरने के समय, पारगमन समय और बंदरगाह के प्रदर्शन को लेकर गहन विश्लेषण भी प्रदान करता है, जिससे बाधाओं की पहचान करना आसान हो जाता है।

सितंबर 2025 में पीयूष गोयल द्वारा लॉन्च किए गए LDB 2.0 ने इस प्लेटफॉर्म की क्षमताओं को और विस्तार दिया, जिसके तहत अब भारत के निर्यात कंटेनरों की उच्च-समुद्री ट्रैकिंग भी संभव हो गई है।

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम के CEO और NLDSL के अध्यक्ष रजत कुमार सैनी ने इस उपलब्धि को गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म आज भारत के लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए एक अहम डिजिटल आधार बन चुका है। उन्होंने बताया कि LDB को हर महीने औसतन 1.5 करोड़ से अधिक कंटेनर सर्च मिलते हैं, और इसकी सेवाएं www.ldb.co.in पर सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के जरिए सभी हितधारकों के लिए उपलब्ध हैं।

गौरतलब है कि 30 दिसंबर 2015 को स्थापित NLDSL, भारत सरकार के NICDIT और जापान की IT कंपनी NEC Corporation के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जो देश के लॉजिस्टिक सेक्टर में दक्षता और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।