जितिन प्रसाद की मोरक्को यात्रा से भारत-मोरक्को व्यापार और सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

वाणिज्य राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 24-25 अगस्त को मोरक्को यात्रा पर, संयुक्त आयोग बैठक में सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर होंगे हस्ताक्षर, व्यापार बढ़ाने पर होगी चर्चा।

Aug 24, 2026 - 22:41
Aug 24, 2026 - 22:44
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जितिन प्रसाद की मोरक्को यात्रा से भारत-मोरक्को व्यापार और सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

Quick Read / Key Highlights

वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 24 से 25 अगस्त 2026 तक मोरक्को की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

संयुक्त आयोग की बैठक में भारत-मोरक्को के बीच 2026-2030 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद।

2025 में द्विपक्षीय व्यापार करीब 4 बिलियन डॉलर तक पहुंचा, भारत परिष्कृत पेट्रोलियम व फार्मास्यूटिकल्स निर्यात करता है तो मोरक्को से फॉस्फेट व उर्वरक आते हैं।

जितिन प्रसाद भारत-मोरक्को संयुक्त व्यापार मंच में भाग लेंगे तथा रबात में व्यापारिक नेताओं से संवाद करेंगे।

2027 में दोनों देश राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे, जिसे देखते हुए यह यात्रा और अहम मानी जा रही है।

दो दिवसीय यात्रा पर मोरक्को रवाना हुए जितिन प्रसाद

अनन्य सोच। वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 24 से 25 अगस्त 2026 तक मोरक्को साम्राज्य की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा को भारत-मोरक्को संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है, खासकर तब जब दोनों देश 2027 में अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर होंगे हस्ताक्षर

यात्रा के दौरान आयोजित संयुक्त आयोग की बैठक में भारत और मोरक्को के बीच 2026 से 2030 तक के लिए एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के तहत कलाकारों और पेशेवरों का आदान-प्रदान, त्योहारों तथा प्रदर्शनियों में भागीदारी, विरासत संरक्षण में सहयोग और संग्रहालयों, पुस्तकालयों व अभिलेखीय संस्थानों के बीच संबंध मजबूत किए जाएंगे। यह पहल दोनों देशों के बीच केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

व्यापार में लगातार बढ़ोतरी

भारत और मोरक्को के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं, और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश बढ़ाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। भारत से मोरक्को को मुख्य रूप से परिष्कृत पेट्रोलियम, फार्मास्यूटिकल्स, वाहन, सिंथेटिक वस्त्र, खाद्य उत्पाद और मसाले निर्यात किए जाते हैं, जबकि मोरक्को से भारत को मुख्यतः फॉस्फेट और उर्वरक का आयात होता है। यह व्यापारिक संरचना दर्शाती है कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक बन सकती हैं।

व्यापार मंच और उच्चस्तरीय बैठकों में लेंगे भाग

अपनी यात्रा के दौरान जितिन प्रसाद मोरक्को के वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय एवं उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। वे भारत-मोरक्को संयुक्त व्यापार मंच में भी हिस्सा लेंगे और व्यापार समुदाय के साथ बातचीत कर निवेश, साझेदारी तथा संयुक्त उद्यम के नए अवसर तलाशेंगे। इसके अतिरिक्त वे रबात में व्यापारिक नेताओं से भी संवाद करेंगे, जो द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संस्थागत ढांचे को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों के अनुसार इस यात्रा से भारत-मोरक्को आर्थिक सहयोग के संस्थागत ढांचे को और सुदृढ़ करने तथा द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, औद्योगिक साझेदारी और व्यापार-से-व्यापार संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। आगामी वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग के और अधिक क्षेत्र खुलने की संभावना जताई जा रही है, विशेष रूप से 70वीं वर्षगांठ के मद्देनजर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान।