राधे-राधे से हुआ स्वागत, फिर तय हुई अरबों के ज्वैलरी कारोबार की रणनीति: CM भजनलाल-जापानी डेलिगेशन की अहम बैठक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर रत्न-आभूषण उद्योग में निवेश पर चर्चा की, जयपुर-यामानाशी ज्वैलरी एसोसिएशन मिलकर बढ़ाएंगे व्यापार।

Aug 23, 2026 - 22:29
Aug 23, 2026 - 22:31
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राधे-राधे से हुआ स्वागत, फिर तय हुई अरबों के ज्वैलरी कारोबार की रणनीति: CM भजनलाल-जापानी डेलिगेशन की अहम बैठक

Quick Read / Key Highlights

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ निवेश एवं उद्योग पर बैठक की।

जयपुर ज्वैलरी एसोसिएशन और यामानाशी ज्वैलरी एसोसिएशन को मिलकर व्यापार व रोजगार बढ़ाने का सुझाव दिया गया।

कोफू सिटी मेयर युइची हिगुची ने बताया, जापान की 180 कंपनियां राजस्थान में और जयपुर की करीब 60 कंपनियां कोफू सिटी में सक्रिय।

मुख्यमंत्री ने 2024 के जापान दौरे को याद किया, जहां निवेशकों ने राजस्थान में तीन-चार गुना फायदे पर आभार जताया था।

बैठक का समापन भारतीय परंपरा अनुसार राधे-राधे अभिवादन के साथ हुआ, कई शीर्ष जापानी उद्योगपति रहे मौजूद।

पुराने रिश्तों पर नई साझेदारी की नींव

अनन्य सोच। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जापान से आए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर राजस्थान में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजस्थान और जापान के बीच के पुराने ऐतिहासिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दोनों क्षेत्रों के बीच रत्न-आभूषण सहित विभिन्न उद्योगों के विकास के लिए ठोस रोडमैप पर काम कर रही है। खास बात यह रही कि दोनों पक्षों ने बैठक की शुरुआत औपचारिक हैंडशेक की बजाय भारतीय परंपरा के अनुसार "राधे-राधे" कहकर की, जो सांस्कृतिक निकटता की एक झलक भी थी।

जापानी जोन बना निवेशकों के लिए सुविधा केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जापानी कंपनियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष जापानी जोन विकसित किया गया है, जहां जापानी निवेशकों को अनुकूल आधारभूत ढांचा मुहैया कराया जा रहा है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार सिर्फ नीतिगत आश्वासन तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेशक-अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है, जो किसी भी विदेशी कंपनी के लिए किसी नए राज्य में कारोबार शुरू करने का सबसे बड़ा भरोसा-बिंदु होता है।

ज्वैलरी कारोबार को मिलेगी नई ऊंचाई

बैठक के केंद्र में जयपुर ज्वैलरी एसोसिएशन और यामानाशी ज्वैलरी एसोसिएशन के बीच सहयोग का मुद्दा प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री ने दोनों संगठनों से तकनीक और निवेश के समन्वय से रत्न-आभूषण व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया, ताकि व्यापार वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर भी पैदा हों। जयपुर पहले से ही रत्न-आभूषण उद्योग के वैश्विक केंद्रों में गिना जाता है, ऐसे में जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत बाजार के साथ साझेदारी इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूती दे सकती है।

2024 यात्रा का जिक्र, तीन-चार गुना रिटर्न का दावा

मुख्यमंत्री ने अपनी 2024 की जापान यात्रा को याद करते हुए बताया कि उस दौरान जापानी कंपनियों ने राजस्थान में किए गए निवेश पर तीन से चार गुना लाभ मिलने पर आभार व्यक्त किया था। उन्होंने इसे राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों की सफलता के रूप में पेश करते हुए जापानी उद्योगपतियों को राजस्थान में नए उद्यम स्थापित करने का खुला निमंत्रण दिया।

कोफू सिटी मेयर ने गिनाए आंकड़े

बैठक में मौजूद कोफू सिटी के मेयर युइची हिगुची ने राजस्थान सरकार की निवेश नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि वर्तमान में जापान की करीब 180 कंपनियां राजस्थान में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जयपुर की लगभग 60 कंपनियां कोफू सिटी में ज्वैलरी कारोबार से जुड़ी हैं, जो दोनों शहरों के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक जुड़ाव को दर्शाता है।

बैठक में शामिल रहे कई गणमान्य

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, जयपुर ज्वैलरी एसोसिएशन अध्यक्ष राजू अग्रवाल मंगोड़ीवाला सहित यामानाशी ज्वैलरी एसोसिएशन, कोशिन कंपनी, क्रिएट ताकानो कंपनी और यामानाशी चुओ बैंक जैसे प्रतिष्ठित जापानी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस उच्चस्तरीय भागीदारी से स्पष्ट है कि जापान की निवेश रुचि केवल औपचारिक बयानों तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस व्यावसायिक योजना की दिशा में आगे बढ़ रही है।