न स्टार, न तामझाम… फिर भी दिल जीत गई ‘हनुमान अंश’
करीब 2 करोड़ के बजट में बनी ‘Hanuman Ansh’ ने साबित किया कि बड़ी फिल्म बनने के लिए बड़े सितारे जरूरी नहीं। Neem Karoli Baba की आध्यात्मिक यात्रा पर बनी यह फिल्म अपनी सादगी, भावनाओं और भक्ति के संदेश से दर्शकों को जोड़ने में कामयाब रही है।
अनन्य सोच। आज जब फिल्मों की चर्चा अक्सर बड़े Stars, भारी Promotion और करोड़ों के Marketing Budget से शुरू होती है, ऐसे समय में ‘Hanuman Ansh’ का सफर थोड़ा अलग नजर आता है। 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई यह फिल्म बिना किसी बड़े Star Cast और बड़े प्रचार अभियान के भी दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने में सफल होती दिख रही है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका शोर नहीं, बल्कि इसकी कहानी और भावनात्मक असर है।
Vishal Chaturvedi के लेखन और निर्देशन में बनी यह फिल्म संत Neem Karoli Baba, जिन्हें भक्त महाराज जी के नाम से भी जानते हैं, के जीवन से प्रेरित है। करीब 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार फिल्म का संसार भव्यता से ज्यादा आध्यात्मिक अनुभव पर केंद्रित है। यही सादगी इसे दूसरी Devotional Movies से अलग करती है।
13 साल के लक्ष्मण दास से महाराज जी तक का सफर
फिल्म की कहानी उस दौर में पहुंचती है जब एक 13 वर्षीय बालक लक्ष्मण दास अपनी मां को खोने के बाद जीवन के गहरे सवालों से जूझता है। इसके बाद शुरू होती है उसकी ऐसी यात्रा, जो उसे घर की सीमाओं से निकालकर आध्यात्मिक तलाश की ओर ले जाती है।
मंदिरों से लेकर जंगलों और गांवों तक का यह सफर सिर्फ भगवान को खोजने की कहानी नहीं है। फिल्म धीरे-धीरे यह सवाल सामने रखती है कि आखिर सच्ची Bhakti क्या है? क्या चमत्कार ही आस्था का प्रमाण हैं या किसी जरूरतमंद की मदद करना भी पूजा का ही रूप है?
यहीं फिल्म का संदेश सबसे ज्यादा असर करता है। Hanuman Ansh भक्ति को दिखावे से दूर रखते हुए सेवा, करुणा, त्याग और अहंकार छोड़ने से जोड़ती है।
कहानी में शोर कम, एहसास ज्यादा
फिल्म में बड़े VFX या चमत्कारों का सहारा लेने के बजाय भावनात्मक दृश्यों पर जोर दिया गया है। खासकर Hanuman Chalisa और राम नाम से जुड़े प्रसंग फिल्म के माहौल को आध्यात्मिक रंग देते हैं। अभिनय भी कहानी को जमीन से जोड़े रखता है। नीम करौली बाबा के किरदार में कलाकार ने संयमित और संवेदनशील प्रदर्शन किया है, जबकि बाल कलाकार और सहायक कलाकार भी कहानी को आगे बढ़ाने में प्रभावी नजर आते हैं।
हालांकि फिल्म की slow pace और लंबी अवधि कुछ दर्शकों को थोड़ी खल सकती है। कहानी उन दर्शकों के लिए ज्यादा प्रभावी है, जो तेज रफ्तार मनोरंजन के बजाय शांत और आत्ममंथन वाली कहानी देखना पसंद करते हैं।
Ananya Soch Review: 4 स्टार
‘Hanuman Ansh’ की सबसे बड़ी खूबी इसकी ईमानदारी है। फिल्म दर्शक पर जबरन भक्ति थोपने की कोशिश नहीं करती, बल्कि सेवा और इंसानियत के जरिए आस्था को समझाने का प्रयास करती है। सीमित बजट के बावजूद इसका भावनात्मक प्रभाव मजबूत है। अगर आप Spiritual Cinema, संतों की जीवन यात्रा और परिवार के साथ देखने लायक अर्थपूर्ण फिल्मों में रुचि रखते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
Ananya Soch Rating: ★★★★☆ (4/5)
फिल्म का फैसला: बड़े नामों और बड़े प्रचार के बिना भी अगर कोई फिल्म दर्शक को सिनेमाघर से निकलने के बाद कुछ देर सोचने पर मजबूर कर दे, तो उसकी असली जीत वहीं है। ‘Hanuman Ansh’ इसी एहसास के साथ अपनी पहचान बनाने की कोशिश करती है।