यातायात पुलिस में शानदार सेवाओं के लिए विश्वेंद्र सिंह को मिला DGP DISK सम्मान,
15 अगस्त की पूर्व संध्या पर जयपुर पुलिस लाइन में हुआ भव्य सम्मान समारोह, पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल की मौजूदगी में मिला यह प्रतिष्ठित अवार्ड, भरतपुर के नयागांव कला निवासी हैं विश्वेंद्र सिंह
अनन्य सोच। राजस्थान पुलिस में अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए एक और गौरवशाली उपलब्धि सामने आई है, जिसने भरतपुर जिले के छोटे से गांव नयागांव कला का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया है। पुलिस मुख्यालय राजस्थान की ओर से पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित महानिदेशक पुलिस डिस्क एवं प्रशस्ति रोल यानी DGP DISK के लिए यातायात पुलिस जयपुर कमिश्नरेट में तैनात विश्वेंद्र सिंह का चयन किया गया है।
लेकिन आखिर यह सम्मान किन आधारों पर दिया जाता है? पुलिस मुख्यालय के स्थाई आदेश 2/2016 के अनुसार, यह अवार्ड उन पुलिसकर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपराध नियंत्रण, प्रशासन, कानून-व्यवस्था और इंटेलिजेंस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उल्लेखनीय और सराहनीय कार्य किया हो। विश्वेंद्र सिंह को खासतौर पर यातायात पुलिस में उनकी बेहतरीन सेवाओं और लगातार अनुशासित कार्यशैली के लिए इस खास सम्मान से नवाजा गया है।
इस पूरे सम्मान समारोह का आयोजन 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर जयपुर पुलिस लाइन में बड़े ही गरिमामय ढंग से किया गया। इस मौके पर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल खुद मौजूद रहे, जिन्होंने अपने हाथों से विश्वेंद्र सिंह को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में मौजूद पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी।
बता दें कि विश्वेंद्र सिंह, जवाहर सिंह के पुत्र हैं और भरतपुर जिले की बयाना तहसील स्थित गांव नयागांव कला के मूल निवासी हैं। वर्तमान में वे यातायात पुलिस जयपुर कमिश्नरेट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपनी ईमानदार और मेहनती कार्यशैली के लिए वे पहले से ही अपने साथी पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच खासे लोकप्रिय रहे हैं।
जैसे ही यह खुशखबरी उनके पैतृक गांव नयागांव कला और आसपास के इलाकों में पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्रवासियों, परिजनों और परिचितों ने इस सम्मान पर विश्वेंद्र सिंह को हार्दिक बधाई देते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सम्मान न सिर्फ विश्वेंद्र सिंह की मेहनत का फल है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।