साइबर ठगी का हुए शिकार तो घबराएं नहीं! डीजीपी ने बताया सिर्फ एक कॉल में मिलेगा समाधान
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की बड़ी अपील, बोले - अपराधियों में भय और जनता में भरोसा हमारी प्राथमिकता
अनन्य सोच। अगर आप भी कभी ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं या भविष्य में साइबर फ्रॉड का डर सता रहा है, तो यह खबर आपके बहुत काम की है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने प्रदेशवासियों को एक अहम संदेश दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस की प्राथमिकताओं के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा को लेकर बड़ा भरोसा दिलाया।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस का संकल्प साफ है - अपराधियों के मन में भय और आम नागरिकों के मन में भरोसा मजबूत करना। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संगठित अपराध, हार्डकोर क्रिमिनल्स, ड्रग्स तस्करी और साइबर फ्रॉड के खिलाफ विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इसके तहत अवैध संपत्तियों की जब्ती, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है, ताकि अपराध होने से पहले ही उस पर लगाम कसी जा सके।
खास तौर पर साइबर क्राइम को लेकर डीजीपी ने बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जा चुकी है, जो ऑनलाइन ठगी के मामलों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करता है। उन्होंने आमजन से सीधी अपील करते हुए कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो देरी किए बिना तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर की गई शिकायत से न सिर्फ पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ती है, बल्कि ठगों तक पहुंचना भी आसान हो जाता है।
डीजीपी की यह अपील ऐसे समय आई है जब देशभर में डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में राजस्थान पुलिस की यह पहल आमजन को सतर्क करने के साथ-साथ उन्हें त्वरित मदद पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।