आवारा कुत्तों पर हाईकोर्ट में सरकार का बड़ा जवाब! हर महीने 800 डॉग्स की नसबंदी, जानें पूरा एक्शन प्लान
राजस्थान हाईकोर्ट में स्ट्रे डॉग्स को लेकर चल रही सुनवाई में राज्य सरकार ने पेश किया विस्तृत जवाब, 2 करोड़ के बजट से लेकर 300 फीडिंग पॉइंट्स तक, जानें क्या-क्या है सरकार की तैयारी।
अनन्य सोच। आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की पालना में राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) में चल रही सुनवाई में राज्य सरकार ने अपना विस्तृत जवाब पेश किया है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर हो रही इस सुनवाई में अगली तारीख 1 सितंबर तय की है।
हर महीने हो रही 800 कुत्तों की नसबंदी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीएस गिल ने बताया कि निजी संस्था के जरिए पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम (Animal Birth Control Program) चलाया जा रहा है। इसके तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी कर तय समय बाद उन्हें उसी जगह छोड़ा जाता है, जहां से पकड़ा गया था। सबसे बड़ी वाली बात यह रही कि हर महीने करीब 800 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है।
हिंसक कुत्तों के लिए दो स्पेशल वाहन
रेबीज पीड़ित, बीमार और हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए दो विशेष वाहनों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही कुत्तों के रहने के लिए बाड़ों का निर्माण भी कराया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर निगरानी समिति भी बनाई गई है।
300 जगहों पर बने डॉग फीडिंग स्थल
सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पूरे राज्य में 300 जगहों पर डॉग फीडिंग स्थल (Dog Feeding Points) तैयार किए गए हैं। इस पूरे कार्यक्रम के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में करीब 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
स्कूल, अस्पताल में एंट्री रोकने के निर्देश
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और स्कूल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए स्थानीय संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सुनवाई में न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभी तक अपना जवाब पेश नहीं किया है, जिस पर अदालत ने राज्य सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई 1 सितंबर तय की।