संसद में हंगामे के बीच बड़ा फैसला! खनन बिल पास, जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट ने मचाई हलचल
संसद के मानसून सत्र में बुधवार का दिन कई मायनों में हलचल भरा रहा। एक तरफ विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था, तो दूसरी तरफ अहम बिल बिना बहस के पास हो गया। साथ ही एक पूर्व जज से जुड़ी रिपोर्ट ने भी सबको चौंका दिया। आखिर क्या-क्या हुआ आज संसद में? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
अनन्य सोच । संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन बुधवार को दोनों सदनों में विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यवाही बुरी तरह बाधित रही। लोकसभा और राज्यसभा में छात्र आंदोलनों, नीट पेपर लीक मामले में पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान से जुड़े आरोपों को लेकर जमकर नारेबाजी हुई।
लोकसभा में सुबह से ही विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करते नजर आए। स्पीकर ओम बिरला ने सदन की गरिमा बनाए रखने और प्रश्नकाल सुचारू रूप से चलाने की कई बार अपील की, लेकिन गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा था, जिसके चलते सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दोपहर के सत्र में जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि भारी हंगामे के बावजूद कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी द्वारा पेश खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 बिना किसी बहस के आवाज मत से पारित हो गया। यह विधेयक राज्यों को खनिज अधिकारों पर अतिरिक्त कर या लेवी लगाने से रोकता है और खनिज युक्त भूमि पर केंद्र सरकार का नियंत्रण बढ़ाता है, जिसका मकसद खनन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
इसी बीच विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव भी मंजूर कर लिया गया, हालांकि विपक्ष लगातार इस बिल को वापस लेने की मांग करता रहा।
वहीं राज्यसभा में एक बड़ी खबर सामने आई, जब जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ी जांच समिति की रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में पूर्व जज के आधिकारिक आवास से नकदी मिलने से जुड़े सभी आरोप सही पाए गए, और समिति ने उनके स्पष्टीकरण को भी असंतोषजनक करार दिया। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने छात्र मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने की जानकारी देते हुए स्पीकर को पत्र लिखा। भारी हंगामे के चलते आखिरकार लोकसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।