राजस्थानी लोकधुनों में अंग्रेजी का तड़का लगाने वाली ‘मैशअप क्वीन’ की अनसुनी कहानी

सिंगर रजनीगंधा शेखावत नौकरी छोड़ बनीं फुल टाइम सिंगर, ‘घूमर’ के मैशअप ने रातों-रात बदल दी जिंदगी, अब टेलर स्विफ्ट के साथ गाने का सपना

Aug 17, 2026 - 09:18
Aug 17, 2026 - 09:26
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राजस्थानी लोकधुनों में अंग्रेजी का तड़का लगाने वाली ‘मैशअप क्वीन’ की अनसुनी कहानी

अनन्य सोच। कभी सोचा है कि राजस्थान की मिट्टी की खुशबू वाले लोकगीत जब हॉलीवुड की धुनों से मिलें तो क्या जादू बनेगा? इसी सवाल का जवाब तलाशते हुए सिंगर रजनीगंधा शेखावत ने वो कर दिखाया, जो आज तक किसी ने नहीं किया था। शुरुआत में मजाक बनने का डर था, लेकिन नतीजा इतना जबरदस्त निकला कि जोधपुर प्रेस ने उन्हें ‘मैशअप की महारानी’ की उपाधि दे दी। आइए जानते हैं इस अनोखे सफर की पूरी कहानी, उन्हीं की जुबानी।

पहला मैशअप बनाते वक्त था मजाक उड़ने का डर

सवाल: राजस्थानी लोकसंगीत और इंग्लिश सॉन्ग्स का मैशअप बनाने का ख्याल आया तो क्या डर था?

जवाब बड़ा दिलचस्प है। कलाकार बताती हैं कि पहली बार जब राजस्थानी और अंग्रेजी भाषा को मिलाकर मैशअप तैयार किया गया, तो मन में यह डर बैठा था कि लोग इसे अजीब मानेंगे या मजाक उड़ाएंगे, क्योंकि इससे पहले इस तरह का कोई प्रयोग सामने नहीं आया था। लेकिन गाना अपलोड होते ही नतीजा चौंकाने वाला रहा — इतने व्यूज मिले जितने पहले किसी सोलो सॉन्ग को नहीं मिले थे।

राजस्थानी गायकी तो पहले से चल रही थी, मगर इंग्लिश ट्रैक्स के साथ मिक्स करने पर लोगों ने भरपूर प्रोत्साहन दिया। धीरे-धीरे लाइव प्रोग्राम्स में भी दर्शक यही मैशअप सुनाने की डिमांड करने लगे। इसी दौरान जोधपुर प्रेस ने ‘मैशअप की महारानी’ नाम दिया, जो जल्द ही पब्लिक के बीच वायरल हो गया।

‘घूमर’ मैशअप ने छुड़वा दी नौकरी, बन गई पहचान

सवाल: ‘चीप थ्रिल्स-घूमर’ मैशअप के बाद जिंदगी में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट क्या रहा?

इस सवाल के जवाब में कलाकार भावुक हो जाती हैं। वे बताती हैं कि सबसे बड़ा बदलाव यही रहा कि उन्हें अपनी जॉब छोड़नी पड़ी। शोज़ की डिमांड इतनी बढ़ गई कि नौकरी और परफॉर्मेंस, दोनों को एक साथ मैनेज करना नामुमकिन हो गया।

दिलचस्प बात यह है कि उनका गीत ‘बद्री की दुल्हनिया’ पहले ही रिलीज हो चुका था, लेकिन असली पहचान ‘चीप थ्रिल्स-घूमर’ मैशअप वीडियो से मिली, जिसमें उनका चेहरा नजर आया। इससे पहले वे संगीत महफिलों में शमशाद बेगम और नूरजहां के क्लासिक गाने गाया करती थीं। लेकिन इस मैशअप के बाद ऑडियंस सिर्फ उनके ओरिजिनल फ्यूजन ट्रैक्स ही सुनना चाहती थी। आज नौ साल बीत चुके हैं और वे इंग्लिश-राजस्थानी मैशअप की इकलौती आर्टिस्ट बनी हुई हैं।

500+ इंटरनेशनल शोज़, लेह में सैनिकों के लिए गाना बना सबसे खास पल

सवाल: 500 से ज्यादा इंटरनेशनल परफॉर्मेंस में सबसे यादगार अनुभव कौन-सा रहा?

कलाकार के मुताबिक, सबसे खूबसूरत पल तब होता है जब बुजुर्ग श्रोता से लेकर छोटे बच्चे तक उनके गीतों पर झूम उठते हैं। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर की डेस्टिनेशन वेडिंग्स में विदेशी मेहमान भी उनके मैशअप पर थिरकते नजर आते हैं, जहां वे घूमर और ‘लेजो’ जैसी परफॉर्मेंस से माहौल बना देती हैं।

हाल ही में लेह में भारतीय सैनिकों के लिए दी गई परफॉर्मेंस उनके करियर का सबसे इमोशनल और यादगार अनुभव रहा।

टेलर स्विफ्ट, अरिजीत सिंह के साथ गाने की चाहत

सवाल: किसी बड़े ग्लोबल आर्टिस्ट के साथ कोलैबोरेशन का मौका मिले तो किसे चुनेंगी?

इस सवाल पर कलाकार बिना झिझक कहती हैं कि श्रेया घोषाल, अरिजीत सिंह और सोनू निगम के साथ काम करना उनका सपना है। वहीं इंटरनेशनल आर्टिस्ट्स में टेलर स्विफ्ट, बीटीएस और एड शीरन उनकी पसंदीदा लिस्ट में शामिल हैं। मौका मिलने पर वे इन सुपरस्टार्स के साथ भी राजस्थानी लोकसंगीत का यूनिक फ्यूजन क्रिएट करना चाहती हैं।

राजस्थान की माटी से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंचने की यह कहानी साबित करती है कि लोककला और मॉडर्न म्यूजिक का सही संगम किसी भी कलाकार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।