भारत ने BRICS मंच पर उठाई पारंपरिक ज्ञान की आवाज: 178 यूनिवर्सिटीज के बीच बनी बड़ी सहमति, अब 12वें विषयगत समूह की तैयारी में जुटा देश
शिक्षा मंत्रालय ने बुलाई BRICS Network University की वर्चुअल कॉन्फ्रेंस, डिजिटल युग में स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण पर हुआ गहन मंथन, राज्यसभा में मंत्री सुकांत मजूमदार ने दी पूरी जानकारी
अनन्य सोच । भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता के दौरान देश ने एक बार फिर शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका साबित की है। शिक्षा मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को वर्चुअल माध्यम से BRICS Network University (BRICS NU) का एक अहम सम्मेलन आयोजित किया, जिसका मुख्य विषय था डिजिटल युग में पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण की आवश्यकता एवं चुनौतियां। लेकिन इस सम्मेलन में आखिर ऐसा क्या खास हुआ, जिसकी अब संसद में भी चर्चा हो रही है?
दरअसल, इस सम्मेलन को तीन अहम सत्रों में बांटा गया था। पहले सत्र में BRICS देशों में पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के मानचित्रण, पहचान और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र का केंद्र इन ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर रहा, जबकि तीसरे सत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी की भूमिका पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान भारत ने सभी सदस्य देशों के साथ पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणाली पर सहयोग को मजबूत करने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत भी साझा किए।
इसके ठीक एक दिन बाद, यानी 21 जुलाई 2026 को BRICS NU के इंटरनेशनल गवर्निंग बोर्ड यानी IGB की भी एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि सदस्यों ने BRICS NU के अंतर्गत 11 इंटरनेशनल थीमैटिक ग्रुप्स के तहत भाग ले रहे कुल 178 यूनिवर्सिटीज के बीच चल रही सहयोगात्मक गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट पेश की, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
गौरतलब है कि BRICS NU के तहत हर सदस्य देश को 11 थीमैटिक ग्रुप्स में से किसी भी दो क्षेत्रों पर काम करने के लिए अपने उच्च शिक्षा संस्थानों को नामित करने का अधिकार मिलता है। भारत की बात करें तो इस नेटवर्क में देश के कुल 22 संस्थान शामिल हैं। लेकिन सबसे बड़ी खबर यह है कि भारत ने अब "पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणाली" को 12वें थीमैटिक ग्रुप के रूप में प्रस्तावित किया है, जिसका जिक्र 7 अगस्त 2026 को हुई 13वीं BRICS शिक्षा मंत्रियों की बैठक में अपनाई गई घोषणा में भी किया गया है।
यह पूरी जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के जरिए सांसदों के सामने रखी।