जयपुर एयरपोर्ट पर सुबह-सुबह मच गई अफरा-तफरी! टैक्सिंग के दौरान विमान से टकराई गाड़ी, बाल-बाल बचे पायलट और कैडेट

हैंगर से रनवे की ओर बढ़ रहा था एनसीसी का माइक्रोलाइट विमान, तभी अचानक हुआ ऐसा हादसा कि खड़े हो गए एयरपोर्ट सुरक्षा पर बड़े सवाल, जानें पूरा मामला।

Aug 17, 2026 - 22:44
Aug 17, 2026 - 22:45
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जयपुर एयरपोर्ट पर सुबह-सुबह मच गई अफरा-तफरी! टैक्सिंग के दौरान विमान से टकराई गाड़ी, बाल-बाल बचे पायलट और कैडेट

अनन्य सोच। राजधानी जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट (Jaipur Airport) पर सोमवार अलसुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, लेकिन इस घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और एप्रन कंट्रोल सिस्टम (Apron Control System) की पोल खोलकर रख दी। मामला NCC के एक माइक्रोलाइट विमान (Microlight Aircraft) से जुड़ा है, जो हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हो गया।

हैंगर से टैक्सिंग के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह माइक्रोलाइट विमान उड़ान भरने के लिए हैंगर से बाहर टैक्सिंग कर रहा था। विमान में एक विंग कमांडर, NCC के एक कैडेट को ट्रेनिंग देने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी इंडोथाई (Indothai) का एक वाहन विमान से आ टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

राहत की बात, पायलट और कैडेट सुरक्षित

इस पूरे हादसे में सबसे राहत भरी खबर यह रही कि विमान में सवार पायलट और प्रशिक्षु कैडेट दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। अगर यह हादसा टेकऑफ के दौरान या हवा में होता, तो नतीजे कुछ और ही हो सकते थे।

एप्रन कंट्रोल सेंटर की भूमिका पर उठे सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल एयरपोर्ट के एप्रन कंट्रोल सेंटर (Apron Control Center) की भूमिका को लेकर उठ रहा है। एप्रन क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही की पूरी जिम्मेदारी कंट्रोल सेंटर की ही होती है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या विमान के तय रूट की जानकारी कंट्रोल सेंटर तक पहुंची ही नहीं थी? अगर यह लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

अब उठने लगी NCC ट्रेनिंग शिफ्ट करने की मांग

इस घटना के बाद जयपुर एयरपोर्ट से चल रही NCC प्रशिक्षण उड़ानों (NCC Training Flights) को लेकर भी बहस छिड़ गई है। बता दें कि इस एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन 95 विमानों की आवाजाही होती है, जो सर्दियों के मौसम में बढ़कर 140 से 150 तक पहुंच जाती है। ऐसे व्यस्त एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग फ्लाइट्स के संचालन को खतरनाक मानते हुए अब इसे किशनगढ़ एयरपोर्ट (Kishangarh Airport) शिफ्ट करने की मांग तेज हो गई है।