‘आवारापन 2’ में फिर लौटा शिवम का दर्द, इमरान हाशमी ने पुराने जादू को नए अंदाज में किया जिंदा

Ananya Soch Media Group की ओर से ‘आवारापन 2’ को 3.5/5 स्टार। पुराने प्रशंसकों के लिए यह शिवम से दोबारा मिलने जैसा अनुभव है, जबकि नए दर्शकों के लिए यह एक इमोशनल एक्शन-ड्रामा के रूप में अपनी अलग पहचान बनाती है।

Aug 14, 2026 - 11:25
Aug 14, 2026 - 11:36
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‘आवारापन 2’ में फिर लौटा शिवम का दर्द, इमरान हाशमी ने पुराने जादू को नए अंदाज में किया जिंदा

अनन्य सोच 19 साल बाद बड़े पर्दे पर शिवम पंडित की वापसी सिर्फ एक फिल्म की वापसी नहीं, बल्कि उस दौर की यादों को फिर से जीने का मौका है, जब इमरान हाशमी की आवाज, चेहरा और दर्द भरे किरदार दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाते थे। 14 अगस्त 2026 को रिलीज हुई ‘आवारापन 2’ इसी नॉस्टैल्जिया को आगे बढ़ाते हुए कहानी में एक्शन, इमोशन, अपराध और रिडेम्पशन का नया अध्याय जोड़ती है।

नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी यह फिल्म पहली ‘आवारापन’ की कहानी के आगे बढ़ती है। इस बार शिवम का संघर्ष केवल प्यार और व्यक्तिगत दर्द तक सीमित नहीं रहता। कहानी में संगठित अपराध, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, बदला और बलिदान जैसे पहलू शामिल किए गए हैं। फिल्म का स्केल बड़ा है और एक्शन सीक्वेंस भी पहले के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली नजर आते हैं।

इमरान हाशमी फिर बने फिल्म की जान

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इमरान हाशमी हैं। शिवम पंडित के किरदार में उनकी वापसी पर्दे पर तुरंत असर छोड़ती है। गुस्सा, टूटन, अकेलापन और अपने अतीत से निकलकर कुछ बेहतर करने की कोशिश—इन सभी भावनाओं को इमरान ने सहजता के साथ पर्दे पर उतारा है। उनके कई सीन फिल्म के इमोशनल प्रभाव को मजबूत करते हैं।

दिशा पाटनी कहानी में नया रोमांटिक एंगल जोड़ती हैं, जबकि शबाना आजमी अपने अनुभव और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस से फिल्म को मजबूती देती हैं। सपोर्टिंग कलाकारों का काम भी कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करता है।

म्यूजिक में पुरानी यादों की खुशबू

‘आवारापन’ की पहचान रहे संगीत का असर सीक्वल में भी महसूस होता है। मिथुन, अमाल मलिक और जीत गांगुली समेत कई संगीतकारों का योगदान फिल्म के मूड को बनाए रखता है। पुरानी यादों और नए संगीत का मिश्रण पुराने दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन सकता है।

हालांकि, फिल्म कुछ जगहों पर पारंपरिक कहानी के रास्ते पर चलती दिखाई देती है और पहली फिल्म जैसी कच्ची तथा तीखी इंटेंसिटी हर सीन में महसूस नहीं होती। बावजूद इसके इमोशन, एक्शन और ड्रामा का संतुलन फिल्म को बांधे रखता है।

फिल्म रिव्यू 

 Ananya Soch Media Group Rating: ⭐⭐⭐½ (3.5/5)