National Emblem का वो चौथा शेर जो कभी नहीं दिखता आपको!

पासपोर्ट से करेंसी तक हर जगह मौजूद यह प्रतीक सम्राट अशोक के जमाने की एक गहरी कहानी अपने भीतर समेटे हुए है

Aug 15, 2026 - 10:06
Aug 15, 2026 - 10:16
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National Emblem का वो चौथा शेर जो कभी नहीं दिखता आपको!

अनन्य सोच । पासपोर्ट से लेकर करेंसी नोट और सरकारी सील तक, आपने भारत का National Emblem हजारों बार देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया कि इस प्रतीक में असल में चार शेर हैं, जबकि सामने से सिर्फ तीन ही नजर आते हैं? आखिर चौथा शेर कहां छिपा है और इस पूरे प्रतीक का असली मतलब क्या है, आइए जानते हैं।

भारत का National Emblem देश की सबसे महत्वपूर्ण पहचान माना जाता है और इसे Sarnath Lion Capital of Ashoka से लिया गया है। यह वही ऐतिहासिक मूर्तिशिल्प है, जो सम्राट अशोक के शासनकाल और बौद्ध धर्म की समृद्ध विरासत से जुड़ा हुआ है। आजाद भारत ने इसे अपनी लोकतांत्रिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनाकर अपनाया।

प्रतीक के सबसे ऊपर चार शक्तिशाली Lions विराजमान हैं, जो चारों दिशाओं की ओर देखते हुए शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और गौरव का संदेश देते हैं। दिलचस्प बात यह है कि सामने से केवल तीन सिंह ही दिखाई देते हैं, जबकि चौथा सिंह पीछे की तरफ छिपा होने के कारण नजर नहीं आता।

इसके ठीक नीचे बना है Dharma Chakra, जिसमें कुल 24 तीलियां हैं। ये तीलियां निरंतर गति, धर्म और न्याय के मार्ग की प्रतीक मानी जाती हैं। इसका संदेश साफ है - राष्ट्र तभी आगे बढ़ता है जब वह सही रास्ते पर लगातार चलता रहे।

Lion Capital के आधार वाले Abacus पर Horse और Bull की आकृतियां भी खास मायने रखती हैं। Horse जहां गति और ऊर्जा का प्रतीक है, वहीं Bull शक्ति, परिश्रम और स्थिरता का संदेश देता है।

प्रतीक के सबसे नीचे लिखा Satyameva Jayate इसकी आत्मा है, जिसका अर्थ है - सत्य की ही सदैव विजय होती है। यही वाक्य भारत के नैतिक और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव है, जो हर नागरिक को देश के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराता है।