Rajasthan Traffic Strike का बड़ा असर: 6 दिन में 50 हजार से ज्यादा वाहन चालकों पर कार्रवाई, Black Film वालों पर सबसे बड़ा प्रहार
राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष Traffic Enforcement Drive ने अब सख्ती का रूप ले लिया है। महज छह दिनों में 50,174 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर राजस्थान पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। सबसे ज्यादा कार्रवाई अवैध Black Film, गलत Number Plate और अवैध Vehicle Modification के मामलों में हुई है।
अनन्य सोच। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा चलाया जा रहा राज्यव्यापी Traffic Strike Campaign लगातार बड़े परिणाम दे रहा है। पुलिस महानिदेशक Rajeev Kumar Sharma के निर्देशन में 4 जून से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक 50,174 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
अभियान के छठे दिन पुलिस ने रिकॉर्ड 10,825 चालान जारी किए, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे साफ है कि अब यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि DG Traffic Anil Paliwal के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान में सबसे ज्यादा कार्रवाई वाहनों के शीशों पर लगी अवैध Black Film के खिलाफ हुई है। अब तक ऐसे 19,694 वाहनों पर कार्रवाई दर्ज की गई है।
इसके अलावा नियम विरुद्ध Number Plate और गलत Registration Display वाले 13,046 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, पदनाम, प्रतीक और अन्य लेखन प्रदर्शित करने के 6,791 मामलों में भी पुलिस ने सख्ती दिखाई।
अभियान के दौरान 4,757 वाहनों में अवैध Body Modification पाए जाने पर कार्रवाई की गई। वहीं अवैध Red-Blue Beacon Light, Flasher, Strobe Light और Hooter का उपयोग करने वाले 3,244 वाहन चालक भी पुलिस कार्रवाई की जद में आए। इसके अलावा Pressure Horn और Air Horn का इस्तेमाल करने वाले 2,642 वाहन चालकों को दंडित किया गया।
छठे दिन अकेले 4,220 वाहनों से Black Film हटवाई गई, जबकि 2,449 गलत Number Plate और 1,784 अनधिकृत लेखन वाले वाहनों के चालान बनाए गए।
राजस्थान पुलिस की "First Awareness, Then Strict Action" नीति के तहत चल रहे इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। पुलिस का मानना है कि नियमों की पालना बढ़ने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित होगी। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की संभावना है, ऐसे में वाहन चालकों के लिए नियमों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।