जब मोदी ने पहनी बुनकरों की मेहनत, अब बाड़मेर के बरीगा राम को मिला राष्ट्रपति के हाथों सम्मान!

जेकेके में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह, मंत्री राठौड़ बोले- दुनिया के बड़े ब्रांड मिला रहे बुनकरों से हाथ; जानिए किसे मिला कौन सा पुरस्कार।

Aug 7, 2026 - 16:47
Aug 7, 2026 - 16:51
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जब मोदी ने पहनी बुनकरों की मेहनत, अब बाड़मेर के बरीगा राम को मिला राष्ट्रपति के हाथों सम्मान!

अनन्य सोच। धागों से बुनी मेहनत को जब देश के सबसे बड़े मंच पर पहचान मिलती है, तो कहानी सिर्फ कपड़े की नहीं रह जाती, वह पूरे राज्य के गौरव की बन जाती है। शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र (JKK) में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बुनकरों की मेहनत को सलाम किया।

कर्नल राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय हथकरघा उत्पादों (Handloom Products) को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है और वे स्वयं समय-समय पर बुनकरों द्वारा तैयार वस्त्र पहनकर इस परंपरा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे हथकरघा वस्त्र पहनें और धागे से बुनाई तक की पूरी प्रक्रिया की कहानी सोशल मीडिया (Social Media) पर साझा करें, ताकि जनजागरूकता बढ़े। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, राजस्थान हथकरघा विकास निगम की एमडी नम्रता वृष्णि सहित कई अधिकारी व बड़ी संख्या में बुनकर मौजूद रहे।

समारोह की सबसे खास बात रही राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कारों (State Level Weaver Awards) का वितरण। जालोर के कानाराम को कॉटन-सिल्क साड़ी के लिए प्रथम, नागौर के सोहनराम को दरी निर्माण के लिए द्वितीय और झालावाड़ की धापूबाई को डबल बेडशीट के लिए तृतीय पुरस्कार मिला। वहीं जोधपुर के दिनेश भोबरिया और बाड़मेर की कबू को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।

लेकिन असली गर्व की बात तो कुछ और ही थी। बाड़मेर के आलिसरो की बस्ती निवासी युवा बुनकर बरीगा राम को उनकी पट्टू साड़ी बुनाई कला के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार-2025 (National Handloom Award 2025) से सम्मानित किया, जिसका सीधा प्रसारण जेकेके में भी दिखाया गया।

इतना ही नहीं, जेकेके में 9 अगस्त तक तीन दिवसीय प्रदर्शनी भी लगी है, जहां करीब 60 स्टॉल पर कोटा डोरिया साड़ी, पंजा दरी, हैंडलूम शॉल जैसे उत्पाद देखे और खरीदे जा सकते हैं। अगर आप भी हथकरघा की इस अनूठी दुनिया को करीब से देखना चाहते हैं, तो मौका अभी बाकी है।