15 दिन से भूखा था छात्र, आखिरकार अशोक गहलोत ने खुद पिलाया पानी, तब जाकर टूटा अनशन

छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थानी भाषा की मांग को लेकर जान की बाजी लगाने वाले शुभम रेवाड़ के लिए दौड़े आए कांग्रेस के दिग्गज नेता, जानिए क्या हुआ अस्पताल में

Aug 6, 2026 - 07:46
Aug 6, 2026 - 07:49
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15 दिन से भूखा था छात्र, आखिरकार अशोक गहलोत ने खुद पिलाया पानी, तब जाकर टूटा अनशन

अनन्य सोचराजस्थान के विश्वविद्यालयों में Student Union Election बहाल करने और राजस्थानी भाषा केंद्र खोलने की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र शुभम रेवाड़ ने बुधवार को आखिरकार अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। SMS Hospital में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने पहुंचकर उनसे मुलाकात की और अनशन तुड़वाया। लेकिन इस दौरान जो कुछ हुआ, वह चर्चा का विषय बन गया है।

सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद शुभम रेवाड़ से मिलने पहुंचे और उन्हें पानी पिलाकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधायक मुकेश भाकर भी वहां पहुंचे। इन नेताओं ने जूस पिलाकर छात्र का अनशन खत्म कराया।

अनशन समाप्ति के दौरान अशोक गहलोत ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि Student Union Election न कराना समझ से परे है और यह राजस्थान के नौजवानों की लोकप्रिय मांग है। उन्होंने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए बताया कि आचार संहिता के चलते ही चुनाव नहीं हो सके थे। गहलोत ने उदाहरण दिया कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली भी कभी छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं, और राजस्थान में भी कई बड़े नेता छात्र राजनीति से निकले हैं। उन्होंने युवाओं यानी Gen-Z की ताकत को समझने की जरूरत पर भी जोर दिया।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और कहा कि छात्र की बिगड़ती सेहत के बावजूद सरकार खामोश रही। वहीं प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने Student Union Election को युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं के समर्थन के बाद अब यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में गरमा गया है। सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार युवाओं की इस मांग पर जल्द फैसला लेगी, या यह विवाद आगे और बढ़ेगा।