Handloom Day 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बड़ा संदेश, Technology और Startups बदलेंगे भारतीय Handloom की तकदीर
12वें National Handloom Day समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने साफ कहा कि Technology, Digital Solutions, E-commerce और Startups के जरिए भारतीय Handloom Sector को Global Market में नई पहचान मिल सकती है। इस दौरान देश के श्रेष्ठ बुनकरों को सम्मानित किया गया और भारतीय बुनाई परंपरा को समर्पित स्मारक डाक टिकट भी जारी किए गए।
अनन्य सोच । भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित 12वें National Handloom Day समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने Sant Kabir Handloom Award और National Handloom Awards 2025 प्रदान किए। साथ ही भारत की समृद्ध और विविध Handloom Weaving Tradition को समर्पित चार स्मारक डाक टिकट भी जारी किए। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि Handloom Sector केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक नहीं, बल्कि रोजगार, Women Empowerment, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को शुरू हुआ Swadeshi Movement भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय था, जिसने स्वदेशी उत्पादों और हथकरघा बुनकरों को नई पहचान दिलाई। इसी ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देने के लिए केंद्र सरकार वर्ष 2015 से हर साल 7 अगस्त को National Handloom Day के रूप में मना रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार Handloom Clusters को आधुनिक Technology, बेहतर Training और नई Design Techniques से जोड़ रही है, जिससे बुनकरों की आय बढ़ाने और भारतीय उत्पादों की Global Branding को मजबूती मिल रही है। राष्ट्रपति ने बताया कि भारतीय Handloom Industry अब एक Certified Cultural Economy के रूप में अपनी अलग पहचान बना रही है।
राष्ट्रपति ने विशेष रूप से युवाओं से इस क्षेत्र में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि Young Entrepreneurs, Designers और Startups पारंपरिक शिल्प को आधुनिक Fashion Trends, Brands और Global Value Chains से जोड़कर नए अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि Digital Solutions और E-commerce Platforms के जरिए भारतीय हथकरघा उत्पादों की पहुंच दुनिया के बड़े बाजारों तक आसानी से बनाई जा सकती है।
समारोह में दिए गए Sant Kabir Handloom Award को देश का सर्वोच्च हथकरघा सम्मान माना जाता है, जबकि National Handloom Awards उन बुनकरों और हितधारकों को दिए जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक कला को आधुनिक नवाचार के साथ नई ऊंचाई दी है। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि Technology और नवाचार के सहारे भारतीय Handloom Sector आने वाले वर्षों में Atmanirbhar Bharat और समावेशी विकास की मजबूत नींव बनेगा।