आसमान से आफत! राजधानी में गरजे बादल, 50 की रफ्तार से चली आंधी, अभी 3 दिन और भिगोएगा मानसून
जयपुर में देर रात अचानक झमाझम बारिश से मौसम बदला, भरतपुर संभाग में 6 इंच पानी बरसा; जानिए आपके शहर में अगले 72 घंटे कैसा रहेगा हाल।
अनन्य सोच। राजधानी से मानो रूठा मानसून गुरुवार रात अचानक मेहरबान हो गया। दिनभर उमस से बेहाल लोगों को देर रात राहत तो मिली, लेकिन साथ ही आफत भी लेकर आई। सांगानेर और प्रतापनगर इलाके में महज एक घंटे के भीतर 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 45 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं (Strong Wind System) चलीं और मेघगर्जन के साथ मूसलाधार बरसात हुई। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, राजधानी के ऊपर बना ऊपरी परिसंचरण तंत्र (Circulation System) और फिरोजपुर-रोहतक-कानपुर से गुजर रही मानसून टर्फ लाइन (Monsoon Trough) इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह बनी। विभाग ने 10 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दोहराई है।
वहीं दूसरी ओर, दो-तीन दिन के ब्रेक के बाद पूर्वी राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भरतपुर संभाग बुरी तरह भीग गया, जहां भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, अलवर और सवाई माधोपुर में करीब 6 इंच तक पानी बरसा। हालात इतने बिगड़े कि डीग, भरतपुर और धौलपुर की सड़कें जलमग्न हो गईं और कई घरों में पानी घुस गया। हैरानी की बात यह रही कि बारिश के पानी ने भरतपुर नगर निगम आयुक्त के घर को भी नहीं बख्शा, वहां भी पानी घुस गया।
हालांकि राहत की खबर यह नहीं है कि प्रदेश का कोटा अभी भी पूरा नहीं हुआ है। अब तक प्रदेश में सामान्य से 11.24% कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने साफ किया कि मानसून इस बार लगातार बरसने के बजाय टुकड़ों में सक्रिय हो रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है क्योंकि 7 से 10 अगस्त के बीच भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 7 से 9 अगस्त तक कोटा और उदयपुर संभाग में अतिभारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 अगस्त के बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, ऐसे में अगले एक सप्ताह प्रदेशवासियों के लिए अहम रहने वाला है।