अफ्रीका की सबसे मुनाफेवाली एयरलाइन बनाने वाला शख्स अब संभालेगा एयर इंडिया की कमान, कैंपबेल विल्सन की होगी छुट्टी
टाटा ग्रुप ने दुनियाभर में खोजबीन के बाद चुना ऐसा लीडर, जिसने 11 साल में एक एयरलाइन को बना दिया था बादशाह
अनन्य सोच । टाटा समूह की एयरलाइन Air India ने अपने नए CEO और MD की घोषणा कर दी है। इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के पूर्व प्रमुख टेवोल्डे गेब्रेमारियम अब एयर इंडिया की कमान संभालेंगे और मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। एयर इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने व्यापक Global Search के बाद सर्वसम्मति से इस बड़े फैसले को मंजूरी दी है। लेकिन आखिर ऐसा क्या है इस शख्स के करियर में, जिसने टाटा ग्रुप को इतना प्रभावित किया? जानिए पूरी कहानी।
टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने जनवरी 2011 से मार्च 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के Group CEO के तौर पर काम किया। उनके 11 साल के नेतृत्व में यह एयरलाइन अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे लाभदायक विमानन कंपनी बन गई। इस दौरान कंपनी का राजस्व करीब चार गुना बढ़कर एक अरब डॉलर से पांच अरब डॉलर तक पहुंच गया। फ्लीट साइज 33 से बढ़कर 134 विमान हो गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की संख्या दोगुनी होकर 128 तक जा पहुंची। सालाना यात्री संख्या भी तीन मिलियन से बढ़कर 12 मिलियन हो गई।
एयर इंडिया ने बताया कि बोर्ड को ऐसा लीडर चाहिए था जो एयरलाइन टर्नअराउंड, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और लाभदायक विस्तार में माहिर हो। गेब्रेमारियम इन सभी कसौटियों पर खरे उतरे। कैंपबेल के मार्गदर्शन में स्थिरता और फ्लीट कमिटमेंट्स का पहला चरण पूरा हो चुका है, अब एयर इंडिया एक्जीक्यूशन और विस्तार के नए दौर में प्रवेश कर रही है। नई जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए गेब्रेमारियम ने कहा कि एयर इंडिया जैसे ऐतिहासिक क्षण में इसका नेतृत्व करना उनके लिए गर्व की बात है। बता दें, कैंपबेल विल्सन ने अप्रैल में इस्तीफे का ऐलान किया था। वे 2022 में टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद से कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे। लीडरशिप ट्रांजिशन की विस्तृत समय-सारणी जल्द घोषित होने की उम्मीद है।