बैकग्राउंड डांसर से बॉलीवुड के 'कबीर सिंह' तक, ये है शाहिद कपूर के 23 साल के संघर्ष की पूरी कहानी!
पंकज कपूर के बेटे ने बिना क्रेडिट डांस से शुरू किया सफर, आज हैं बॉलीवुड के सबसे वर्सेटाइल स्टार; जानिए किस फिल्म ने बदली किस्मत।
अनन्य सोच। पर्दे पर आज जिस कॉन्फिडेंस के साथ शाहिद कपूर नजर आते हैं, उसके पीछे एक लंबा और मुश्किल सफर छिपा है। 25 फरवरी 1981 को नई दिल्ली में जन्मे शाहिद, दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर और नीलिमा अजीम के बेटे हैं। लेकिन स्टारडम उन्हें विरासत में नहीं, बल्कि बरसों की मेहनत से मिला। बचपन से डांस के शौकीन शाहिद ने श्यामक डावर के इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग ली और बिना क्रेडिट के बैकग्राउंड डांसर (Background Dancer) के तौर पर 'दिल तो पागल है' और 'ताल' जैसी फिल्मों में नजर आए।
असली सफर 2003 में शुरू हुआ, जब इश्क विश्क से उन्होंने लीड रोल में डेब्यू किया। यह फिल्म हिट रही और उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड (Filmfare Award) भी मिल गया, लेकिन इसके बाद का दौर आसान नहीं था। फिदा, दिल मांगे मोर जैसी कई फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हुईं। हालांकि 2006 में विवाह और 2007 में जब वी मेट ने उन्हें असली स्टारडम दिलाया, जिसने उन्हें रातोंरात हर घर में पहचान दे दी।
लेकिन शाहिद यहीं नहीं रुके। 2009 की कमीने में डबल रोल निभाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वे सिर्फ चॉकलेट बॉय नहीं, बल्कि एक दमदार अभिनेता भी हैं। इसके बाद 2014 आया उनके करियर का टर्निंग पॉइंट, जब हैदर में उनके इंटेंस अभिनय ने उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर दिला दिया। उड़ता पंजाब में ड्रग एडिक्ट रॉकस्टार के रोल ने भी सबको चौंका दिया।
फिर 2018 में पद्मावत और 2019 में कबीर सिंह (Kabir Singh) आई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और यह उनके करियर की सबसे बड़ी कमर्शियल हिट बन गई। इसके बाद जर्सी, फर्जी, ब्लडी डैडी, देवा और हाल ही में रिलीज हुई ओ रोमियो व कॉकटेल 2 जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अलग-अलग अंदाज दिखाए।
तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड्स अपने नाम कर चुके शाहिद डांसिंग में भी माहिर हैं और झलक दिखला जा जैसे शो में जज भी रह चुके हैं। रोमांस से लेकर एक्शन और थ्रिलर तक, हर जॉनर में खुद को साबित करने वाले शाहिद कपूर की यह कहानी आज भी हर उस युवा के लिए मिसाल है, जो संघर्ष से हार नहीं मानता।