'चुनौतियां बनेंगी अवसर', IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM मोदी का यंग इंडिया को बड़ा संदेश
देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान से निकले नए ग्रेजुएट्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसा कहा जिसने पूरे ऑडिटोरियम में जोश भर दिया। जानिए आखिर क्या था वो खास संदेश जो हर स्टूडेंट के लिए मायने रखता है।
अनन्य सोच । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को संस्थान परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित किया गया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ग्रेजुएशन पूरी करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए भारत की विकास यात्रा में इनोवेशन, रिसर्च और नई तकनीकों के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नए क्षेत्रों में कदम बढ़ा रहा है और देश बड़ी जिम्मेदारी के साथ अपने युवाओं की ओर देख रहा है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, क्रिटिकल मिनरल्स, डीप सी एक्सप्लोरेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे सेक्टर्स को देश के भविष्य के लिए अहम बताया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पीएम ने साफ कहा, जो लोग चुनौतियों के नए समाधान खोजने का साहस रखते हैं, उनके लिए वही चुनौतियां अवसर बन जाती हैं।
इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था अब लर्नर-सेंट्रिक, रिसर्च-बेस्ड और फ्यूचर-रेडी हो चुकी है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत के युवा अब सिर्फ दुनिया के साथ कॉम्पिटिशन नहीं कर रहे, बल्कि इसका नेतृत्व कर रहे हैं। जोशी के मुताबिक, प्रधानमंत्री हमेशा से भारतीय युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते रहे हैं और उन्हें विकसित भारत 2047 के प्रमुख निर्माता मानते हैं।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने मेधावी छात्रों को कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स से सम्मानित किया, जिनमें प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल, डायरेक्टर गोल्ड मेडल, शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन मेडल शामिल हैं। इसके अलावा एक बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने IIT दिल्ली में AI आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा "परम प्रज्ञा" का उद्घाटन भी किया, जो देश की रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।