133 करोड़ रुपए का Mega Upgrade: अब रोज बनेगा 70 टन Ghee; 20 लाख लीटर Milk Processing Capacity से किसानों और उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा लाभ
राजस्थान के दुग्ध क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। ₹133 करोड़ की लागत से Jaipur Dairy के Processing Plant का Modernization और Renovation पूरा हो गया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस Mega Project के शुरू होते ही दूध प्रसंस्करण क्षमता 12 लाख लीटर से बढ़कर 20 लाख लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। इससे हजारों Dairy Farmers और लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अनन्य सोच। राजधानी की पहचान बन चुकी Jaipur Dairy अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। ₹133 करोड़ की लागत से तैयार किए गए अत्याधुनिक Milk Processing Plant का उद्घाटन जल्द होने वाला है। इस परियोजना के पूरा होने से राजस्थान के डेयरी सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी और दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को संयंत्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल्द ही इस आधुनिक प्लांट का उद्घाटन करेंगे। निरीक्षण के दौरान RCDF Managing Director श्रुति भारद्वाज और Jaipur Dairy MD मनीष फौजदार ने नई तकनीकों और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता की जानकारी दी।
आधुनिकीकरण के बाद संयंत्र की Milk Processing Capacity 12 लाख लीटर से बढ़कर 20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है। वहीं Milk Pouch Packaging Capacity भी 10 लाख लीटर से बढ़कर 16.50 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गई है। नई मशीनरी और आधुनिक Boiler System की मदद से अब प्रतिदिन लगभग 70 टन Ghee Production संभव होगा। इसके अलावा Butter, Dairy Water और अन्य Value Added Dairy Products का उत्पादन भी बढ़ेगा।
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों Milk Producers को मिलेगा। बढ़ी हुई क्षमता के कारण डेयरी अधिक मात्रा में दूध खरीद सकेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना है। वहीं उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला Hygienic Milk और Dairy Products समय पर उपलब्ध हो सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि Jaipur Dairy का यह Mega Modernization Project राजस्थान के डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। अब सभी की नजर इसके उद्घाटन और इसके बाद होने वाले उत्पादन विस्तार पर टिकी हुई है।