‘एक मुलाक़ात’ ने जयपुर को भावनाओं, कविता और प्रेम की दुनिया में पहुंचाया
क्या होता अगर भारतीय साहित्य के दो अमर नाम Amrita Pritam और Sahir Ludhianvi एक आखिरी बार आमने-सामने बैठते? इसी कल्पना को जीवंत करते हुए नाटक ‘एक मुलाक़ात’ ने जयपुर के दर्शकों को भावनाओं के ऐसे सफर पर ले गया, जहां प्रेम, विरह, कविता और स्मृतियां एक साथ मंच पर सांस लेती नजर आईं। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में हुए इस मंचन ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और तालियों की गूंज देर तक सभागार में सुनाई देती रही।
अनन्य सोच। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) के मुख्य सभागार में शनिवार शाम कला, साहित्य और संवेदनाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। चर्चित नाटक ‘एक मुलाक़ात’ के मंचन ने जयपुर के दर्शकों को न केवल भाव-विभोर किया, बल्कि उन्हें भारतीय साहित्य के दो महान हस्ताक्षरों—Amrita Pritam और Sahir Ludhianvi—की भावनात्मक दुनिया से भी रूबरू कराया।
प्रसिद्ध अभिनेता शेखर सुमन ने साहिर लुधियानवी की भूमिका निभाई, जबकि गीतिका त्यागी ने अमृता प्रीतम के किरदार को जीवंत किया। दोनों कलाकारों के सशक्त अभिनय और संवाद अदायगी ने दर्शकों को मानो समय की सुरंग में पहुंचा दिया, जहां शब्द केवल बोले नहीं गए, बल्कि महसूस किए गए।
सुमना अहमद और सैफ़ हैदर हसन द्वारा लिखित तथा सैफ़ हैदर हसन के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी भावनात्मक गहराई रही। नाटक एक काल्पनिक अंतिम मुलाक़ात पर आधारित है, जिसमें अमृता और साहिर के बीच के अनकहे जज़्बात, अधूरी मोहब्बत, साहित्यिक जुनून और आत्मिक जुड़ाव को बेहद संवेदनशील तरीके से मंच पर उतारा गया।
शेखर सुमन ने साहिर के व्यक्तित्व की गंभीरता, संवेदनशीलता और रचनात्मक बेचैनी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं गीतिका त्यागी ने अमृता प्रीतम के किरदार में गरिमा, प्रेम और भावनात्मक तीव्रता का ऐसा समावेश किया कि दर्शक कई बार भावुक हो उठे। कविता-पाठ, मार्मिक संवाद और सादगीपूर्ण मंच-सज्जा ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बना दिया।
सभागार दोनों प्रस्तुतियों में खचाखच भरा रहा। दर्शकों ने नाटक की साहित्यिक समृद्धि, काव्यमय अभिव्यक्ति और कलाकारों के अभिनय की खुलकर सराहना की। प्रस्तुति के समापन पर लंबे समय तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
RIC के प्रतिनिधियों ने कहा कि जयपुर का सांस्कृतिक समुदाय लगातार उच्च स्तरीय साहित्यिक और रंगमंचीय प्रस्तुतियों को प्रोत्साहित कर रहा है। यही कारण है कि भविष्य में भी ऐसे उत्कृष्ट Theatre Productions शहर के दर्शकों के लिए लाए जाते रहेंगे।
‘एक मुलाक़ात’ केवल एक रंगमंचीय प्रस्तुति नहीं रही, बल्कि यह प्रेम, स्मृतियों और साहित्य के उस अनमोल संसार का उत्सव बन गई, जो समय बीत जाने के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित रहता है।