राजस्थान में उद्योगों की बहार! निवेशकों की लाइन लगी, चार शहरों में बनेंगे प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क
राजस्थान को इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में सरकार की एक नई पॉलिसी ने निवेशकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। महज कुछ ही समय में दर्जनों आवेदन आ पहुंचे, और अब इन आवेदनों के आधार पर तय होगा कि प्रदेश के किन इलाकों की तस्वीर बदलने वाली है। आखिर यह पॉलिसी है क्या और निवेशकों को इसमें इतनी दिलचस्पी क्यों है, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
मॉडल-ए में निवेशकों ने दिखाया भरोसा, 23 आवेदन पहुंचे
अनन्य सोच। राजस्थान में विश्वस्तरीय औद्योगिक विकास (Industrial Development) को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार की राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 (Rajasthan Industrial Park Promotion Policy) अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। इस नीति के मॉडल-ए (Model-A) के तहत रीको (RIICO) ने निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए निवेशकों (Investors) से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे, जिसके जवाब में 4 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुल 23 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा साफ इशारा करता है कि नई पॉलिसी को लेकर निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
दौसा से लेकर बूंदी तक, जानें कहां-कितने आवेदन
प्राप्त आवेदनों में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दौसा जिले में देखी गई, जहां राजाहेड़ा, गुडा अशीकपुरा और नुरपुर के लिए 10 आवेदन आए। इसके अलावा बालोतरा के पचपदरा स्थित वेदरलाई के लिए 7, धौलपुर के बिजौली के लिए 4 और बूंदी के मायेजा के लिए 2 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कैटेगरी-ए के तहत रीको द्वारा चिन्हित स्थानों पर भूमि आवंटन के बाद निजी विकासकर्ता इन औद्योगिक पार्कों को विकसित करेंगे। भूमि आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ई-नीलामी (E-Auction) के जरिए पूरी की जाएगी।
सड़क से लेकर टैक्स छूट तक, मिलेंगी कई सुविधाएं
नीति के तहत औद्योगिक पार्कों में सड़क, जलापूर्ति, बिजली, ड्रेनेज, वर्षा जल संचयन और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की जिम्मेदारी निजी विकासकर्ता की होगी। इसके साथ ही सीईटीपी (CETP) के लिए ग्रीन इंसेंटिव, कॉमन यूटिलिटी सेंटर, प्लग-एंड-प्ले ऑफिस स्पेस की सुविधा तथा बिजली, स्टाम्प और रूपांतरण शुल्क में छूट जैसे कई फायदे भी निवेशकों को दिए जाएंगे।
रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राज्य में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि उद्यमियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) का माहौल तैयार हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन औद्योगिक पार्कों के बनने से आने वाले समय में प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।