संसद में हंगामे के बीच बड़ा फैसला! अब 'केरल' नहीं 'केरलम' कहलाएगा राज्य, बिना चर्चा पास हुआ बिल

संसद के मानसून सत्र में एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला हुआ, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। विपक्ष की जोरदार नारेबाजी और हंगामे के बीच सरकार ने ऐसा बिल पास करा लिया, जो एक पूरे राज्य की पहचान ही बदल देगा। आखिर क्यों बदला जा रहा है यह नाम, और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है, जानने के लिए पढ़ें आगे।

Aug 11, 2026 - 22:31
Aug 11, 2026 - 22:33
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संसद में हंगामे के बीच बड़ा फैसला! अब 'केरल' नहीं 'केरलम' कहलाएगा राज्य, बिना चर्चा पास हुआ बिल

बिना चर्चा वॉयस वोट से पास हुआ केरल नाम परिवर्तन बिल

अनन्य सोच। संसद (Parliament) के मानसून सत्र का 17वां दिन सोमवार की तरह ही हंगामे और स्थगन के बीच बीता, लेकिन इसी हंगामे के बीच सरकार दो बड़े विधेयक पारित कराने में कामयाब रही। लोकसभा (Lok Sabha) में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 बिना किसी चर्चा के वॉयस वोट (Voice Vote) से पास हो गया। इस बिल के तहत अब राज्य का नाम 'केरल' से बदलकर 'केरलम' (Keralam) किया जाएगा। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केरल के वरिष्ठ नेताओं ने इस अहम मौके पर अपनी बात नहीं रखी, जिससे उन्हें दुख हुआ। वहीं केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने भी कांग्रेस के विरोध पर तीखा हमला बोला।

ट्रिब्यूनल सुधार बिल भी राज्यसभा से पास

इसी दिन राज्यसभा (Rajya Sabha) में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 (Tribunal Reforms Bill) को भी मंजूरी मिल गई, जिसे लोकसभा पहले ही सोमवार को पास कर चुकी थी। इस बिल में विभिन्न ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन (National Tribunal Commission) गठित करने का प्रावधान है, जिसमें दो न्यायिक और दो तकनीकी सदस्य शामिल होंगे और अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज या हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश करेंगे। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ट्रिब्यूनल न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं और यह बिल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को भी मजबूती देगा।

विपक्ष का वॉकआउट, कई मुद्दों पर घमासान जारी

चर्चा के दौरान इंडिया ब्लॉक (India Bloc) के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, क्योंकि सभापति ने नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, झारखंड मुद्दे और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर जवाब मांगता रहा। दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित होती रही और अंततः अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। FCRA संशोधन जैसे मुद्दों पर भी अब तक सहमति नहीं बन पाई है, जिससे सत्र के आखिरी दिनों में टकराव और गहराता नजर आ रहा है।