भारतीय सेना को मिलेगा नया नेतृत्व: Lieutenant General Dhiraj Seth बनेंगे अगले Army Chief, Modern Warfare पर रहेगा फोकस
भारतीय सेना में बड़े बदलाव की तैयारी है। Lieutenant General Dhiraj Seth को अगला Chief of Army Staff नियुक्त करने का फैसला किया गया है।
अनन्य सोच। भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार ने Lieutenant General Dhiraj Seth को देश का अगला Chief of Army Staff (COAS) नियुक्त करने का निर्णय लिया है। वे वर्तमान Army Chief General Upendra Dwivedi का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 के अंत में पूरा हो रहा है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 1 अगस्त 2026 को भारतीय सेना की कमान संभालेंगे।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब भारत की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं और सेना तेजी से Modernization, Artificial Intelligence (AI), Drone Warfare तथा Theatre Command Structure की दिशा में आगे बढ़ रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि धीरज सेठ का व्यापक सैन्य अनुभव सेना को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
वर्तमान में धीरज सेठ Vice Chief of Army Staff के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे Southern Command और South Western Command जैसे महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों की कमान संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिष्ठित Sudarshan Chakra Corps का नेतृत्व भी किया है। National Defence Academy (NDA) के पूर्व छात्र रहे धीरज सेठ को जम्मू-कश्मीर में Counter Insurgency Operations, रेगिस्तानी क्षेत्रों में सैन्य रणनीति और युद्धक तैयारियों का लंबा अनुभव है।
सूत्रों के अनुसार, हालिया Operation Sindoor सहित कई रणनीतिक अभियानों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि उन्हें सेना के भविष्य के नेतृत्व के लिए सबसे उपयुक्त माना गया।
नए Army Chief के रूप में उनकी प्राथमिकताओं में सेना की Operational Readiness बढ़ाना, सीमाओं पर तैनाती को और मजबूत करना, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना तथा Atmanirbhar Bharat Defence Mission को गति देना शामिल होगा। साथ ही सेना में अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकों के समावेश पर विशेष जोर रहेगा। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि धीरज सेठ का नेतृत्व भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप और अधिक सक्षम बनाएगा। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति देश की सुरक्षा रणनीति को नई मजबूती प्रदान करेगी। भारतीय सेना के लिए यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि भविष्य के युद्ध कौशल और तकनीकी सैन्य शक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।