राजस्थान कैबिनेट का बड़ा फैसला: खेजड़ी सहित 29 पेड़ काटे तो होगी जेल, शादी रजिस्ट्रेशन न कराने पर लगेगा भारी जुर्माना, UCC बिल को भी मिली मंजूरी

35 शहीद सैनिकों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति का तोहफा, अब पुत्रवधू भी दायरे में शामिल, लिव-इन रिलेशनशिप का भी होगा अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, जानें कैबिनेट के सारे बड़े फैसले

Aug 14, 2026 - 15:40
Aug 14, 2026 - 15:46
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राजस्थान कैबिनेट का बड़ा फैसला: खेजड़ी सहित 29 पेड़ काटे तो होगी जेल, शादी रजिस्ट्रेशन न कराने पर लगेगा भारी जुर्माना, UCC बिल को भी मिली मंजूरी

अनन्य सोच। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को सीएमओ में हुई कैबिनेट बैठक में राजस्थान सरकार ने कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है। इनमें सबसे बड़ा और चर्चित फैसला पेड़ों की सुरक्षा को लेकर लिया गया है।

अब प्रदेश में गैर वन भूमि पर भी राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, पीपल सहित कुल 29 प्रजातियों के पेड़ काटने पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसा करने वालों को एक साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। यहां तक कि अपनी ही जमीन पर अनुमति लेकर पेड़ काटने पर भी उसी क्षेत्र में तय संख्या में नए पेड़ लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए विधानसभा के आगामी सत्र में 'द राजस्थान ट्रीज प्रोटेक्शन बिल' लाया जाएगा।

इसी बैठक में एक और बड़ा फैसला यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर हुआ। अब शादी का 60 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर 10 हजार रुपये और नोटिस के बावजूद अनदेखी करने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। इतना ही नहीं, लिव-इन रिलेशनशिप शुरू करने और खत्म करने की भी लिखित सूचना या रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यूसीसी बिल में बहुविवाह पर रोक लगाई गई है, हालांकि सभी धर्मों को अपनी परंपरा अनुसार विवाह की स्वतंत्रता दी गई है। अनुसूचित जनजातियां और संविधान से संरक्षित पारंपरिक अधिकार वाले वर्ग इस कानून के दायरे से बाहर रहेंगे।

कैबिनेट ने देश के प्रति सेवा देने वाले शहीदों के परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में घायल होने के बाद 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 1972 के बीच शहीद हुए राजस्थान के 35 सैनिकों के परिवारों को अब अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि इस दायरे में अब सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए भी राहत भरी खबर है। वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए अनुभव में दो साल की सशर्त छूट दी जाएगी, हालांकि यह लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें पिछले तीन वित्तीय वर्षों में यह छूट नहीं मिली थी। इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में 4 प्रतिशत आरक्षण के तहत नोशनल बेनिफिट देने के नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है।

महिलाओं के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया है। सरोगेट मदर को अब 180 दिन और कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा। वहीं एकल महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव अब साल में तीन के बजाय छह चरणों में लेने की सुविधा दी जाएगी।

इसके अलावा कैबिनेट ने अल्ट्राटेक सीमेंट को जैसलमेर में 306 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि आवंटित करने और 4 अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को भूमि देने के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखा दी है। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल आपूर्ति को नियमित और टिकाऊ बनाए रखने के लिए ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति को भी मंजूरी दी गई है।