छात्रों के आगे झुकी सरकार! 2 और परीक्षाएं रद्द, मुंबई से गिरफ्तार हुआ पेपर लीक का मास्टरमाइंड
झारखंड में 18 दिन से चल रहे छात्र आंदोलन का आखिरकार असर दिखने लगा है। एक तरफ सीएम हेमंत सोरेन ने विधानसभा में बड़ा ऐलान किया, तो दूसरी तरफ पुलिस ने पेपर लीक के मुख्य आरोपी को मुंबई से दबोच लिया। आखिर क्या है पूरा मामला? जानने के लिए पढ़ें अंत तक।
अनन्य सोच। झारखंड में जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दबाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (PT) के साथ-साथ वर्ष 2023 और 2025 में आयोजित बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, सोरेन ने 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षा के साथ DFRO, APP और TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का भी ऐलान किया। इस घोषणा के बाद अब JSSC CGL परीक्षा भी जांच के घेरे में आ गई है, क्योंकि यह परीक्षा भी TDPL एजेंसी ने ही करवाई थी।
इसी बीच पुलिस को पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की 2022 में हुई जूनियर इंजीनियरिंग डिप्लोमा भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में SIT ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी बिन्सिस टेक्नोलॉजी के फरार डायरेक्टर अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कंपनी के मैनेजर कृष्ण कुमार और चार पूर्व उम्मीदवारों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार 1279 पदों के लिए 3 जुलाई 2022 को होने वाली इस परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।
आंदोलन के 18वें दिन भाजपा ने भी राज्यव्यापी बंद का ऐलान करते हुए रांची समेत कई शहरों में प्रदर्शन किया, जिसमें ABVP कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। वहीं सीएम सोरेन ने भाजपा पर छात्रों को सियासी मोहरा बनाने का आरोप लगाया।
आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्र देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल के 10वें दिन चिट्ठी लिखकर पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया और कहा कि पूरा न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।