400 मॉडल स्कूल, AI से लैस क्लासरूम! राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर छात्रों के मेंटल हेल्थ तक, राजस्थान का शिक्षा विभाग अब बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में जुट गया है। जयपुर में हुई एक अहम बैठक में देश के बड़े उद्योगपतियों और अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया पूरा रोडमैप। आखिर स्कूलों और छात्रों के लिए क्या-क्या नया होने वाला है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
अनन्य सोच। राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने बुधवार को जयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पीरामल फाउंडेशन ग्रुप के चेयरमैन अजय पीरामल, सीईओ आदित्य नटराज और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन एवं सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल शामिल हुए। बैठक में राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, नवाचारों और मॉडल स्कूलों के भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
यादव ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का माहौल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले से संचालित 649 पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर अब सीएम राइज योजना के तहत 400 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नवाचारों के साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर खास ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर भी जोर दिया गया। एसीएस ने कहा कि स्कूलों में चल रहे व्यावसायिक और कौशल आधारित कोर्सेज का विस्तार किया जाए और इनका फायदा दूर-दराज व छोटे गांवों के स्कूलों तक भी पहुंचाया जाए, ताकि हर छात्र को बराबर मौका मिल सके।
इसके अलावा छात्रों के मेंटल हेल्थ, ड्रॉपआउट रोकने और फाइनेंशियल लिटरेसी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। बैठक में स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कक्षा 11-12 के छात्रों के लिए फाइनेंशियल लिटरेसी बढ़ाने पर भी बात हुई। साथ ही चुनिंदा सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधाओं के साथ मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने और कम्युनिटी पार्टिसिपेशन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
यादव ने शिक्षकों की ट्रेनिंग मजबूत करने के लिए ट्रेनिंग सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की जरूरत बताई और सीएसआर के जरिए निजी संस्थाओं के साथ साझेदारी बढ़ाने पर भी बल दिया। पीरामल फाउंडेशन के संस्थापक अजय पीरामल ने राजस्थान में चल रहे कार्यों का फीडबैक लिया और आगे भी सहयोग बढ़ाने का भरोसा दिलाया।
बैठक के बाद अतिथियों ने पीरामल फाउंडेशन की प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिक्षा क्षेत्र के नए नवाचारों की जानकारी ली।