Assistant Professor Recruitment Examination-2024: RPSC ने जारी की 4 विशिष्टताओं की मुख्य सूची, जानें किसे मिली जगह

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024 की बहुप्रतीक्षित मुख्य सूची जारी कर दी है। सुपर स्पेशियलिटी और ब्रॉड स्पेशियलिटी के चार अलग-अलग विषयों में साक्षात्कार पास करने वाले अभ्यर्थियों के नाम अब सामने आ चुके हैं। जानिए किस विषय में कितने पद भरे गए और पूरी जानकारी कहां मिलेगी।

Aug 28, 2026 - 11:29
Aug 28, 2026 - 11:30
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Assistant Professor Recruitment Examination-2024: RPSC ने जारी की 4 विशिष्टताओं की मुख्य सूची, जानें किसे मिली जगह

अनन्य सोच। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024 से जुड़ा एक बड़ा अपडेट जारी किया है। आयोग ने सुपर स्पेशियलिटी विषयों — सर्जिकल ऑनकोलॉजी (Surgical Oncology), पेडियाट्रिक्स सर्जरी (Pediatrics Surgery), यूरोलॉजी (Urology) — तथा ब्रॉड स्पेशियलिटी विषय रेडियेशन ऑनकोलॉजी/रेडियोथेरेपी (Radiation Oncology/Radiotherapy) के पदों के लिए मुख्य सूची (Final List) जारी कर दी है। इस सूची का लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह जानकारी बेहद अहम है।

आयोग सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि इन पदों के लिए पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम के आधार पर अस्थाई रूप से सफल घोषित अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित सेवा नियमों के अनुसार मूल्यांकन के बाद अब अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की मुख्य सूची तैयार कर जारी की गई है।

जारी की गई सूची के अनुसार, सर्जिकल ऑनकोलॉजी विषय में 6 अभ्यर्थियों, पेडियाट्रिक्स सर्जरी में 2 अभ्यर्थियों, यूरोलॉजी में 5 अभ्यर्थियों और रेडियेशन ऑनकोलॉजी/रेडियोथेरेपी विषय में 6 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इस तरह कुल चार विशिष्टताओं में मिलाकर अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हुआ है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती से जुड़ी पूरी और विस्तृत जानकारी, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों के नाम व रोल नंबर शामिल हैं, RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। जिन अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में साक्षात्कार दिया था, वे आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम जांच सकते हैं।

चिकित्सा शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य के इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ फैकल्टी की कमी दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।