जयपुर में मेघ मेहरबान: हरियाली अमावस पर झमाझम बारिश ने खोली सिस्टम की पोल, सड़कों पर उतरी नदियां, घंटों जाम में फंसे लोग
कालवाड़ में सबसे ज्यादा 72 मिमी बारिश, ड्रेनेज सिस्टम फेल होते ही भांकरोटा से अजमेर रोड तक भरा 3 फीट पानी; बाइस गोदाम पुलिया के नीचे 2 घंटे जाम में फंसे सैकड़ों वाहन
अनन्य सोच। जयपुर में इस सीजन की पहली बार हरियाली अमावस के मौके पर मानसून जमकर मेहरबान हुआ। बुधवार दोपहर 12 बजे से शाम 7.30 बजे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में झमाझम व रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा, जिसने न सिर्फ गर्मी से राहत दी बल्कि प्रशासन की तैयारियों की पोल भी खोलकर रख दी।
सबसे ज्यादा बारिश कालवाड़ इलाके में दर्ज हुई, जहां 72 मिमी पानी बरसा। इसके अलावा जेएलएन मार्ग पर 34 मिमी, एयरपोर्ट क्षेत्र में 29 मिमी, सांगानेर में 6 मिमी जबकि कलेक्ट्रेट और आमेर में 4-4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लेकिन असली परेशानी शुरू हुई कालवाड़ में, जहां मूसलाधार बारिश से सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। ड्रेनेज सिस्टम फेल होते ही भांकरोटा, अजमेर रोड, कालवाड़ रोड, सिरसी और पांच्यावाला जैसे इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया।
हालात इतने बिगड़े कि जयपुर-अजमेर हाईवे स्थित हीरापुरा 200 फीट बाईपास पर करीब 4 फीट पानी जमा हो गया, जो लगातार दो घंटे तक वहीं टिका रहा।
लेकिन असली आफत शाम को आई, जब 5:50 बजे बाइस गोदाम पुलिया के नीचे अचानक ट्रैफिक पूरी तरह थम गया। टोंक रोड और सिविल लाइन फाटक की तरफ से आने वाले वाहन आमने-सामने ऐसे उलझे कि हर कोशिश जाम को और बड़ा बनाती गई। दुपहिया चालकों के साथ महिलाएं और बच्चे भीगते हुए घंटों जाम में फंसे रहे। स्थिति यह बनी कि महज 100 मीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा वक्त लग गया। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आम लोगों की मदद से रात 8:15 बजे जाकर ट्रैफिक सामान्य हो सका।
इस जाम का असर सी-स्कीम, बाइस गोदाम सर्किल, सहकार मार्ग से लेकर टोंक रोड तक महसूस किया गया। वहीं दुर्गापुरा फ्लाईओवर के पास बारिश के दौरान एक पेड़ गिरने से भी आधे घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा। कुल मिलाकर शहर के दर्जनभर से ज्यादा इलाके जाम की चपेट में आ गए, जिससे आधा जयपुर रेंगता नजर आया।