डिजिटल इंडिया के सच पर खुलकर होगी बात: ‘द ग्रेट इंडियन ब्रेन रॉट’ पर जयपुर में खास चर्चा

डिजिटल इंडिया के सच पर खुलकर होगी बात: ‘द ग्रेट इंडियन ब्रेन रॉट’ पर जयपुर में खास चर्चा

Ananya soch: Jaipur Literature Event

अनन्य सोच। Book Discussion Jaipur: जयपुर के साहित्य और बौद्धिक जगत के लिए एक दिलचस्प और विचारोत्तेजक आयोजन होने जा रहा है. प्रभा खेतान फाउंडेशन (Prabha Khaitan Foundation) की ‘सहयोग’ पहल के तहत दिल्ली के प्रख्यात लेखक, पॉडकास्टर और कल्चरल क्रिटिक (Anurag Minus Verma) अनुराग माइनस वर्मा की चर्चित पुस्तक ‘द ग्रेट इंडियन ब्रेन रॉट: लव, लाइज एंड एल्गोरिदम इन डिजिटल इंडिया’  (book The Great Indian Brain Rot: Love, Lies and Algorithm in Digital India)  पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी. यह कार्यक्रम रविवार, 15 मार्च को शाम 4 बजे से अशोक क्लब, जयपुर में आयोजित होगा. 

कार्यक्रम में लेखक अनुराग माइनस वर्मा जयपुर की ब्लॉगर और कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट तुषारिका सिंह के साथ संवाद करेंगे. इस बातचीत के दौरान डिजिटल दुनिया, सोशल मीडिया संस्कृति और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव जैसे कई अहम विषयों पर खुलकर चर्चा होगी. 

डिजिटल दुनिया की परतें खोलती किताब

‘द ग्रेट इंडियन ब्रेन रॉट’ भारत के तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य पर आधारित एक बेहद रोचक और समकालीन पुस्तक है. इसमें लेखक ने अपने अनुभवों, हास्य और व्यंग्य के जरिए सोशल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझाने की कोशिश की है. 

किताब में इन्फ्लुएंसर कल्चर, वायरल कंटेंट, ऑनलाइन ट्रोलिंग, एल्गोरिदम की ताकत और डिजिटल जीवन की चुनौतियों जैसे मुद्दों को सरल और दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुत किया गया है. यह पुस्तक पाठकों को इंटरनेट की दुनिया के पीछे छिपे सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करती है. 

लेखक की वैश्विक पहचान

अनुराग माइनस वर्मा समकालीन डिजिटल संस्कृति के जाने-माने विश्लेषक माने जाते हैं. उनके लेख The New York Times, The Indian Express, The Times of India, Mint और Newslaundry जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में प्रकाशित हो चुके हैं. 

वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) लखनऊ में विजिटिंग फैकल्टी के रूप में विजुअल कल्चर पढ़ाते हैं. इसके अलावा उन्होंने चर्चित वेब सीरीज़ ‘दहाड़’ के लिए जाति से जुड़े विषयों पर शोध भी किया, जिसे जोया अख्तर और रीमा कागती ने बनाया था. 

उनका “द अनुराग माइनस वर्मा पॉडकास्ट” भी काफी लोकप्रिय है और यह दुनिया के टॉप 1% ऑडियो पॉडकास्ट में शामिल रहा है. 

साहित्य और डिजिटल संस्कृति का संगम

(Digital Culture India) प्रभा खेतान फाउंडेशन की ‘सहयोग’ पहल के तहत होने वाला यह कार्यक्रम जयपुर के साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और डिजिटल संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक अनोखा अवसर होगा. यहां पाठकों को लेखक से सीधे संवाद करने और डिजिटल समाज के बदलते स्वरूप को समझने का मौका मिलेगा.