95 मिनट तक थमी रहीं सांसें, गूंजती रहीं तालियां: ‘विद लव आपकी सैयारा’ ने रिश्तों, सपनों और संवेदनाओं की दुनिया को किया जीवंत
अनन्य सोच। जब मंच पर एक ऐसी महिला की कहानी जीवंत हुई, जो अपने सपनों, रिश्तों और जीवन के संघर्षों के बीच मुस्कुराना नहीं छोड़ती, तब सभागार में बैठे दर्शक खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस करने लगे। सोमवार शाम राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रस्तुत नाटक “विद लव आपकी सैयारा” ने दर्शकों को भावनाओं, हंसी और आत्ममंथन से भरी एक यादगार यात्रा पर ले गया।
प्रसिद्ध रंगकर्मी Juhi Babbar द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत इस नाटक को दर्शकों की शानदार सराहना मिली। करीब 95 मिनट तक चले इस मंचन में आधुनिक भारतीय महिला के जीवन के विभिन्न रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक का केंद्रीय पात्र ‘सैयारा’ अपने आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण दर्शकों के दिलों में जगह बनाने में सफल रहा।
नाटक की कहानी रिश्तों की जटिलताओं, पारिवारिक मूल्यों, दोस्ती, प्रेम और बदलते सामाजिक परिवेश में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रस्तुति कहीं भी उपदेशात्मक नहीं लगी, बल्कि सहज संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से दर्शकों तक अपनी बात पहुंचाती रही।
यह किरदार प्रसिद्ध रंगकर्मी Nadira Zaheer Babbar की रचनात्मक परिकल्पना पर आधारित है। मंचन के दौरान भावनात्मक दृश्यों ने जहां दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया, वहीं हल्के-फुल्के प्रसंगों ने सभागार को ठहाकों से भी भर दिया।
रिश्तों को देखने का नया नजरिया
नाटक ने यह संदेश भी दिया कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में परिवार का सहयोग, सच्ची मित्रता और सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आती है। यही कारण रहा कि विभिन्न आयु वर्ग के दर्शक स्वयं को कहानी और पात्रों से जुड़ा हुआ महसूस करते रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में Theatre Lovers, Art Enthusiasts और शहर के सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे। मंचन समाप्त होते ही सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
जयपुर में आयोजित यह प्रस्तुति केवल एक नाटक नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन के बीच मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों और आत्मविश्वास की एक ऐसी कहानी बनकर उभरी, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और जाते-जाते उनके मन में कई सवाल और सकारात्मक संदेश छोड़ गई।