असम में तबाही के बीच उम्मीद की किरण! रिलायंस फाउंडेशन पहुंचाएगा 10 हजार परिवारों तक राहत, 4 हजार मवेशियों को भी मिलेगा सहारा

पांच लाख से ज्यादा लोगों को बेघर करने वाली इस भीषण बाढ़ में जब हर तरफ सिर्फ तबाही नजर आ रही थी, तभी एक बड़ी राहत मुहिम ने पीड़ितों के चेहरे पर मुस्कान लाने की ठानी है।

Jul 28, 2026 - 17:23
Jul 28, 2026 - 18:06
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असम में तबाही के बीच उम्मीद की किरण! रिलायंस फाउंडेशन पहुंचाएगा 10 हजार परिवारों तक राहत, 4 हजार मवेशियों को भी मिलेगा सहारा

अनन्य सोच। ऊपरी असम में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित लोगों की मदद के लिए Reliance Foundation ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू कर दिया है। इस मुहिम के तहत शिवसागर और चराइदेव जिलों के कम से कम 10 हजार परिवारों तक भोजन, सुरक्षित पेयजल, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और अस्थायी आश्रय जैसी जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। बता दें कि इन दोनों जिलों में पांच लाख से ज्यादा लोग इस भीषण बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

जमीनी स्तर पर शुरू हुआ राहत कार्य

रिलायंस फाउंडेशन की डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने जिला प्रशासन और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों का बारीकी से आकलन करने के बाद राहत कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी मुहिम में Vantara, Reliance Retail और Jio भी अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं, जिससे राहत कार्य को और तेज गति मिल सके।

भूखे परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई, बेघरों को मिलेगा आश्रय

जिन परिवारों के पास भोजन या राशन की कोई व्यवस्था नहीं बची है, उनके लिए जगह-जगह सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं, साथ ही सूखे राशन के पैकेट भी बांटे जा रहे हैं। वहीं विस्थापित हुए परिवारों के लिए तिरपाल, ग्राउंडशीट, मच्छरदानी, रस्सी और बिस्तर जैसी जरूरी चीजों से लैस Emergency Shelter Kit उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की कवायद तेज

बाढ़ के चलते ठप हुई स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। साथ ही परिवारों को स्वच्छ पेयजल और जरूरी सफाई किट्स भी मुहैया कराई जा रही हैं।

मवेशियों की सुध लेने पहुंची 39 सदस्यीय टीम

बाढ़ में सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले पालतू पशुओं की देखभाल के लिए Vantara की 39 सदस्यीय विशेष टीम मौके पर तैनात कर दी गई है। यह टीम करीब 4 हजार प्रभावित मवेशियों के इलाज, देखभाल और चारे की व्यवस्था में जुटी है, ताकि किसानों की यह अनमोल पूंजी सुरक्षित रह सके।