रोशन के सुरों से झूम उठा जयपुर: सदाबहार गीतों की महफिल में देर तक गूंजती रही तालियां

संगीत संस्थान आश्रम के दो दिवसीय समारोह का भव्य समापन, बाल और युवा कलाकारों ने बिखेरा सुरों का जादू

May 30, 2026 - 18:03
May 30, 2026 - 18:04
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रोशन के सुरों से झूम उठा जयपुर: सदाबहार गीतों की महफिल में देर तक गूंजती रही तालियां

अनन्य सोच। हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर को जीवंत करते हुए संगीत संस्थान आश्रम के दो दिवसीय संगीत समारोह का शनिवार को भावपूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम में बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार रोशन द्वारा संगीतबद्ध सदाबहार और कर्णप्रिय गीतों की ऐसी सुरमयी प्रस्तुति हुई कि पूरा सभागार संगीत की खुमारी में डूब गया।

शास्त्री नगर स्थित संस्थान परिसर में आयोजित समारोह के अंतिम दिन बाल और युवा कलाकारों ने रोशन के अमर गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में मौजूद संगीत प्रेमियों ने न केवल गीतों का आनंद लिया, बल्कि कलाकारों के सुर, लय, ठहराव और भावपूर्ण अभिव्यक्ति की भी खुलकर सराहना की।

वत्सल अनुपम के निर्देशन में सजे इस संगीतमय आयोजन में वनिता हीरानी, समन्विता सरकार, खुशबू कंवर, मिताली गर्ग, रियाशी अग्रवाल, अभिराम सोमानी, सीमा भाट, शाहिद खान, विनय पारीक, श्रीकांता, अजय मालपानी, गोपाल सिंह, पुनीत खंडेलवाल, भूमिका राठौर, अंजली शर्मा, मंजूर रहमान, सोनू सोनी, विमला शर्मा, मिहाई सिंह, हितैषी, रीना सोनी, निधि कुमारी और कुलदीप धाब सहित अनेक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी।

“जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा”, “छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा”, “रहे न रहे हम” और “इक रास्ता है जिंदगी” जैसे गीतों ने श्रोताओं को पुराने दौर की यादों में पहुंचा दिया। कार्यक्रम के दौरान कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा।

की-बोर्ड एवं हारमोनियम पर शेर मोहम्मद, तबले पर इदरीश खान, गिटार पर वत्सल अनुपम और नीत खत्री तथा ऑक्टोपैड पर वरुण जांगिड़ ने प्रभावी संगत कर प्रस्तुतियों को और आकर्षक बनाया। कार्यक्रम का संचालन वीना अनुपम ने किया, जबकि अंत में संस्थान सचिव अमित अनुपम ने सभी कलाकारों, अतिथियों और संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन केवल एक संगीत संध्या नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सफल प्रयास बनकर उभरा।