विधानसभा सत्र से पहले बड़ी सुलह! सर्वदलीय बैठक में पक्ष-विपक्ष एकसाथ, जानें 20 अगस्त से क्या होगा खास

राजस्थान विधानसभा के Sixth Session की शुरुआत से ठीक पहले स्पीकर वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में मंगलवार को सातवीं All-Party Meeting आयोजित हुई। बैठक में पक्ष और विपक्ष दोनों ने सदन को शांतिपूर्वक चलाने पर सहमति जताई। आखिर इस बैठक में क्या-क्या तय हुआ और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से क्या मांग रखी, जानिए पूरी खबर।

Aug 18, 2026 - 21:21
Aug 18, 2026 - 22:31
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विधानसभा सत्र से पहले बड़ी सुलह! सर्वदलीय बैठक में पक्ष-विपक्ष एकसाथ, जानें 20 अगस्त से क्या होगा खास

अनन्य सोच। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को स्पीकर श्री वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में All-Party Meeting का आयोजन हुआ। यह इस Tradition के तहत सातवीं बैठक थी, जिसका सभी दलों के सदस्यों ने खुले दिल से स्वागत किया। बैठक की शुरुआत में सभी सदस्यों ने राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष पर आयोजित पूर्व और वर्तमान विधायकों के समागम कार्यक्रम की जमकर सराहना की और स्पीकर देवनानी का आभार जताया।

सदन शांतिपूर्वक चलाने पर बनी सहमति

All-Party Meeting में सभी दलों ने Positive Approach के साथ सदन को शांतिपूर्वक चलाने, सदन और आसन की गरिमा बनाए रखने तथा सम्मानजनक भाषा के इस्तेमाल पर सहमति जताई। पक्ष और विपक्ष दोनों ने स्पीकर को भरोसा दिलाया कि सदस्य सदन में मर्यादित व्यवहार अपनाएंगे और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे। बदले में श्री देवनानी ने भी आश्वासन दिया कि चर्चा में हर सदस्य को पर्याप्त समय दिया जाएगा।

20 अगस्त से शुरू होगा Sixth Session

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के Sixth Session की बैठकें गुरुवार, 20 अगस्त से शुरू होंगी। स्पीकर ने कहा कि सदन में नियमों के अनुरूप प्रतिपक्ष जनहित के मुद्दे उठाए और राज्य सरकार उनके समाधान का पूरा प्रयास करे।

'सदन चलाना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी'- देवनानी

विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए और सभी सदस्यों को सदन व आसन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन चलाना सदस्यों की Collective Responsibility है और यह जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने का पावन स्थल है, जहां हर सदस्य की बात को गंभीरता से लिया जाता है।

नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार गंभीरता से ले सदन की बातें

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सदन में रखी गई बातों को सरकार गंभीरता से ले और सदन चलाने की जिम्मेदारी सिर्फ पक्ष की नहीं, बल्कि प्रतिपक्ष की भी है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने इस पहल को स्पीकर देवनानी का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके सकारात्मक परिणामों की सराहना की।

बैठक में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान, भारत आदिवासी पार्टी के थावरचंद, बहुजन समाज पार्टी के मनोज कुमार, राष्ट्रीय लोकदल के डॉ. सुभाष गर्ग और विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा मौजूद रहे। अब सबकी निगाहें 20 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र पर टिकी हैं, जहां देखना होगा कि यह सहमति सदन के भीतर कितनी कायम रहती है।