खेती में AI, ड्रोन और स्टार्टअप्स का नया दौर: राज्यपाल बोले- युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें

कृषि विश्वविद्यालय कोटा के नवम् दीक्षांत समारोह में 358 विद्यार्थियों को उपाधियां, 14 स्वर्ण पदकों से प्रतिभाओं का सम्मान

May 13, 2026 - 16:40
May 13, 2026 - 16:40
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खेती में AI, ड्रोन और स्टार्टअप्स का नया दौर: राज्यपाल बोले- युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें

अनन्य सोच। राज्यपाल एवं कुलाधिपति Haribhau Bagde ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि के बिना अधूरा है। कृषि आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती एवं पशुपालन पर आधारित है। ऐसे में कृषि शिक्षा के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाकर खाद्य सुरक्षा हासिल की जा सकती है और किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक तथा विपणन की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

राज्यपाल बुधवार को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान (सिआम) ऑडिटोरियम में आयोजित Agriculture University Kota के नवम् दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान और अनुसंधान का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में करें।

कृषि में AI और ड्रोन तकनीक का बढ़ रहा महत्व

राज्यपाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र तेजी से आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लीकेशन, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग खेती को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृषि स्टार्टअप्स, एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग, जैविक खेती और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशें।

उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। कृषि विश्वविद्यालयों को ऐसे ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए जहां किसानों को सरल और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध हो तथा नवाचारों के जरिए फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिले।

नई प्रयोगशालाओं और भवनों का लोकार्पण-शिलान्यास

समारोह के दौरान राज्यपाल Haribhau Bagde ने विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों में निर्मित भवनों और प्रयोगशालाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। इनमें खरपतवार नियंत्रण प्रयोगशाला, बीज प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, बीज विधायन संयंत्र और कृषि महाविद्यालय उम्मेदगंज के अकादमिक भवन शामिल हैं। इसके साथ ही ‘कैनोपी मैनेजमेंट ऑफ फ्रूटक्रॉप’ और ‘सोयाबीन के जादुई फायदे-एक बीज कई व्यंजन’ पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

358 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 14 को स्वर्ण पदक

समारोह में कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री Kirodi Lal Meena ने कहा कि डिग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के जीवन में नई यात्रा शुरू होती है। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान का उपयोग किसानों, समाज और राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में कृषि, उद्यानिकी और वानिकी संकायों के कुल 358 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही 14 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें कुलगुरु स्वर्ण पदक और कुलाधिपति स्वर्ण पदक भी शामिल रहे।