14 साल की कियारा ग्वाला की कविताओं ने छुआ दिल ‘द ओपनिंग एक्ट’ के विमोचन समारोह में स्मृतियों, उम्मीद और आत्मविश्वास पर हुई भावपूर्ण चर्चा
अनन्य सोच। महज 14 वर्ष की उम्र में अपनी संवेदनशील लेखनी से पहचान बना रहीं जयपुर की युवा लेखिका कियारा ग्वाला ने अपने पहले कविता संग्रह ‘द ओपनिंग एक्ट’ के जरिए साहित्य जगत में प्रभावशाली शुरुआत की है। जयपुर के अशोक क्लब में आयोजित समारोह में पुस्तक का औपचारिक विमोचन पूर्व पुलिस महानिदेशक S. N. Jaryath, लेखिका कियारा ग्वाला, लेखक एवं पब्लिसिस्ट Jagdeep Singh तथा अजय सिंघा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कियारा ने कहा कि स्मृतियों पर लिखी गई कविताएं मन का बोझ हल्का करती हैं और दुख को कम करने में मददगार होती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पुस्तक विशेष रूप से उनके स्वर्गीय दादा को समर्पित है। संग्रह की कविताएं ‘द मैन हू टॉट मी एवरीथिंग’ और ‘मैंगो सीजन’ उनके साथ जुड़ी भावनात्मक यादों को दर्शाती हैं।
किशोर मन की उलझनों और उम्मीदों को दी आवाज
लेखक जगदीप सिंह के साथ संवाद में कियारा ने कहा कि उनकी कविताएं उन भावनाओं को व्यक्त करती हैं जिन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट उत्तर खोजने के बजाय अनिश्चितताओं को स्वीकार करने की कोशिश की है।
कविता ‘अनसीन’ और ‘एक्सोर्सिज्म’ का जिक्र करते हुए कियारा ने बताया कि किशोरावस्था में आत्म-संदेह, स्वीकृति की चाह और भीतर के डर जैसी भावनाएं सामान्य होती हैं। यही अनुभव उनकी रचनाओं में दिखाई देते हैं। वहीं ‘रिटर्निंग टू लाइट’ कविता में अंधेरे के बाद उम्मीद, आत्मविश्वास और नई शुरुआत का संदेश दिया गया है।
कम उम्र में परिपक्व लेखन शैली की सराहना
जयश्री पेड़ीवाल इंटरनेशनल स्कूल (जेपीआईएस) की कक्षा 10वीं की छात्रा कियारा की इस पुस्तक को हवाकल पब्लिशर्स ने प्रकाशित किया है। कार्यक्रम में कियारा ने अपनी कुछ कविताओं का पाठ भी किया, जिसने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
सत्र के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने कियारा की संवेदनशील सोच, ईमानदार अभिव्यक्ति और परिपक्व लेखन शैली की जमकर सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण अजय सिंघा ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन तुषारिका सिंह ने प्रस्तुत किया।